राजस्थान पुलिस ने यूपी व हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर फरीदाबाद में एनकाउंटर किया।
अलवर. नीमराणा में ज्वेलर को गोली मारकर जेवरात लूट ले जाने वाले कुख्यात अपराधी हरिया के राइट हैण्ड एवं सहयोगी अरुण गुर्जर को गुरुवार तडक़े अलवर, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच व यूपी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर मार गिराया। वहीं, गैंग लीडर हरिया व उसके दो साथी फरार हो गए। पुलिस ने अरुण की गाड़ी से दो पिस्टल, एक देशी कट्टा व 5-6 गाडिय़ों की नम्बर प्लेट बरामद की। खास बात यहे है कि नीमराणा में ज्वेलर से लूट में अरुण गुर्जर भी हरिया के साथ था। पुलिस ने उसके कब्जे से जो गाड़ी बरामद की है, वह ज्वेलर से लूट के दौरान भी इनके पास थी। गाड़ी में लूट के दौरान उपयोग की गई नम्बर प्लेट (एचआर 26 डीएफ 2208) भी मिली है। अरुण गुर्जर पुत्र मेहरचंद के खिलाफ विभिन्न थानों में एक दर्जन से ज्यादा हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, हाइवे पर लूट के मामले दर्ज थे।
गांव आने की जानकारी पर घेरा
अलवर जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि बुधवार रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना मिली कि नीमराणा में ज्वेलर से लूटपाट की वारदात में शामिल हरिया और उसका साथी अरुण अपने गांव भैंसरावली थाना तिगांव फरीदाबाद आए है। इस पर सीओ भिवाड़ी सिद्धार्थ शर्मा सहित एसएचओ नीमराणा, चौपानकी, बहरोड़ सहित क्यूआरटी की तीन टीमें मौके पर भेजी गई। वहीं, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम व यूपी एसटीएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची। इससे पहले ही हरिया व अरुण गुर्जर को पुलिस के आने की भनक लग गई और वह अपने दो अन्य साथियों के साथ कार में सवार हो भागने लगे। इस पर अलवर, फरीदाबाद व यूपी पुलिस ने तिगावां थाना पुलिस के साथ उनकी घेराबंदी की और उन्हें छायसा गांव के समीप घेर लिया। खुद को घिरता देख हरिया व उसके दो साथी तो फायरिंग करते हुए भाग निकले। वहीं, पुलिस ने जवाबी फायरिंग में कुख्यात अपराधी अरुण गुर्जर को मार गिराया। दोपहर बाद पुलिस ने अरुण का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया।