अलवर

सेवानिवृत्त IAS अधिकारी ने स्थापित करवाई माता-पिता की प्रतिमा, दिया भावुक संदेश

भिवाड़ी के खुशखेड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में अनूठा और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी गौरी शंकर ने अपनी माता की 33वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अपने माता-पिता की प्रतिमाएं स्थापित कर समाज को पारिवारिक मूल्यों का बड़ा संदेश दिया है।

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Apr 13, 2026
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमाओं की स्थापना की (फोटो - पत्रिका)

भिवाड़ी के खुशखेड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में अनूठा और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी गौरी शंकर ने अपनी माता की 33वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अपने माता-पिता की प्रतिमाएं स्थापित कर समाज को पारिवारिक मूल्यों का बड़ा संदेश दिया है।

आज के आधुनिक दौर में जहां पारिवारिक दूरियां बढ़ रही हैं, वहीं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी गौरी शंकर ने यह अनोखी मिसाल पेश की है। खुशखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र स्थित शिव कुटीर, ग्राम लालपुर में अपनी माता वरहालम्मा की 33वीं पुण्यतिथि पर उन्होंने एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया।

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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमाओं की स्थापना

इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान आईएएस गौरी शंकर ने अपने पिता सूर्य नारायण और माता वरहालम्मा की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना करवाई। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पूरी धार्मिक विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न की गई। पूजा-अर्चना के बाद एक भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें लालपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

संस्कारों की पूंजी: माता-पिता ही सबसे बड़े मार्गदर्शक

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस गौरी शंकर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, आज मैं जिस भी मुकाम पर हूं, वह केवल मेरे माता-पिता की कड़ी मेहनत और उनके आशीर्वाद का फल है। माता-पिता ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और मार्गदर्शक होते हैं। उनका सम्मान करना और उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही हमारा सच्चा धर्म है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता की सेवा को ही अपना प्राथमिक कर्तव्य मानें।

प्रबुद्धजनों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में आईएएस गौरी शंकर की पत्नी रजनी गौरी शंकर, आईएएस एम. कंकाजी सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा अलवर से विशेष रूप से पूर्व पार्षद गौरी शंकर विजय, मनोज विजयवर्गीय, प्रकाश गुप्ता और मनीष बावलिया ने भी पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।

सामुदायिक एकता का संदेश

कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों और प्रबुद्धजनों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक उच्च पद से सेवानिवृत्त अधिकारी की ओर से अपने गांव और माता-पिता के प्रति इस तरह का समर्पण समाज के लिए एक प्रेरणा है। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे गांव में सामुदायिक सद्भाव और एकता की झलक भी देखने को मिली।

Published on:
13 Apr 2026 01:27 pm
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