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भाटी vs रावणा विवाद: ‘अपने हक के लिए लड़ना जरूरी…’, शिव MLA से विवाद पर बोले भजन गायक छोटू सिंह

Rajasthan News: भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने शिव विधायक रविंद्र भाटी से जुड़े विवाद पर कहा कि अगर कोई परेशान करता है, तो अपने हक के लिए लड़ना जरूरी है और उन्होंने इस मामले में शिकायत भी दर्ज करवाई है।

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अलवर

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Akshita Deora

Apr 13, 2026

RAVINDRA SINGH BHATI CHOTU SINGH RAWNA

Photo: Social Media

Ravindra Singh Bhati Vs Chotu Singh Rawana: भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने शिव विधायक रविंद्र भाटी से जुड़े विवाद पर कहा कि अगर कोई परेशान करता है, तो अपने हक के लिए लड़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है और फिलहाल जांच जारी है। उनके अनुसार सही और गलत का फैसला अंततः जनता ही करती है। उन्होंने कहा कि अगर मन में लगे कि कुछ गलत हो रहा है, तो उसका विरोध करना चाहिए और हर व्यक्ति को अपनी बात खुलकर रखने की आजादी मिलनी चाहिए।

श्याम परिवार सेवा समिति की ओर से शनिवार को दशहरा मैदान में आयोजित श्याम वंदना महोत्सव में पहुंचे छोटू सिंह ने कहा कि समय के साथ हर चीज में बदलाव जरूरी होता है और समाज को भी इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ब्रह्मा ने पहले चार वेदों की रचना की, इसके बाद एक और वेद बनाया गया। इसी तरह पहले संस्कृत भाषा का उद्भव हुआ, फिर अवधी भाषा आई और धीरे-धीरे अन्य भाषाओं का भी विकास होता गया, जो परिवर्तन का ही संकेत है।

उन्होंने ‘तीन बाण के धारी’ भजन को लेकर कहा कि यह भजन उन्होंने दिल की गहराइयों और सच्ची श्रद्धा से लिखा है, यही वजह है कि यह लोगों के दिलों में खास जगह बना चुका है और लगातार लोकप्रिय हो रहा है । साथ ही उन्होंने बताया कि पहली बार उन्होंने महाकाल पर भी भजन लिखा है, जिसे श्रोताओं से भरपूर प्यार और सराहना मिल रही है ।

छोटी-मोटी बातें होती रहती है

भजन गायक कन्हैया मित्तल के साथ हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि भजन गायकी में लगातार कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, जिसमें कलाकार के साथ-साथ साउंड टीम भी लंबे समय तक काम करती है और थकान महसूस करती है। ऐसे में छोटी-मोटी बातें हो जाना स्वाभाविक है, जिन्हें बेवजह बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने भक्ति का संदेश देते हुए कहा कि भजन केवल सुरों का नहीं, बल्कि भाव और आस्था का विषय है। यदि सच्चे मन और श्रद्धा से भजन गाया जाए, तो पत्थर में भी भगवान के दर्शन हो सकते हैं।