अलवर

भाई-बहन का अटूट रिश्ता: शहीद भाई की कलाई सूनी न रह जाए, ससुराल से हर साल राखी बांधने पीहर आती है बहन

बोली-हमें अपने भाई की शहादत पर गर्व है

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Aug 19, 2024

अलवर. रक्षाबंधन पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर लंबी आयु की दुआ करती हैं। वहीं शहीद हुए सैनिकों की बहनों ने उनकी प्रतिमा पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया। अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील निवासी राहुल सिंह राठौड देश की सरहद पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे, तब से उनकी बहन कमलेश कंवर प्रतिवर्ष उनकी प्रतिमा पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाती हैं।

कमलेश ने बताया कि उनके पिता किसान थे। मेरे दो भाइयों में से एक शहीद हो गया। पिता चाहते थे कि मेरे दोनों बेटे भारत माता की रक्षा के लिए सेना में जाएं। पिता की इच्छा मानकर दोनों ही भाई सेना में भर्ती हो गए। छोटा भाई राहुल सिंह 198 फील्ड रेजीमेंट में तैनात थे। 11 फरवरी 2014 में जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में ड्यूटी पर रहते हुए वे शहीद हो गए। तब वह महज 22 साल का था। मेरी शादी रैणी के पास गांव में हुई है।
शहीद भाई की कलाई सूनी न रह जाए, इसलिए रक्षाबंधन पर ससुराल से हर साल राखी बांधने पीहर आती हूं।

Published on:
19 Aug 2024 06:43 pm
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