शनिवार को अलवर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई। शुक्रवार को बारिश के बाद सिलीसेढ़ झील से आखिरकार उपरा चल गई।
शनिवार को अलवर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई। शुक्रवार को बारिश के बाद सिलीसेढ़ झील से आखिरकार उपरा चल गई। मानसून सीजन में अब तक अपेक्षित बारिश नहीं होने से बांधों में पानी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार को सिलीसेढ़ बांध इस सीजन में पहली बार छलका और करीब एक इंच की चादर चली।
लेकिन सिंचाई की दृष्टि से अभी भी हालात बेहतर नहीं हुए हैं। जिले के 22 बड़े बांधों में से केवल 5 में ही पानी की आवक दर्ज हुई है, जबकि शेष 17 बांध अब भी खाली पड़े हैं। सबसे बड़ी चिंता जयसमंद बांध को लेकर है। अगर रूपारेल नदी में पानी का फ्लो बढ़ता है तो जयसमंद बांध में भराव की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल वहां की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि सिलीसेढ़ से ओवरफ्लो शुरू होने के बाद यह संकेत है कि आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर जारी रहा तो जिले के अन्य बांधों में भी पानी की स्थिति सुधर सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है।