
अंबिकापुर. कोरोना संक्रमण से बचाव को दृष्टिगत रखते हुए इस बार छठ पूजा में जिन्होंने कोरोना टीका लगवाया है, उन्हीं को छठ घाट जाने की अनुमति होगी ताकि कोरोना संक्रमण का प्रभाव घातक न हो। छठ घाट में पूजा में शामिल होने जाने वालों को कोरोना टीकाकरण संबंधी मोबाइल मैसेज या टीकाकरण प्रमाण दिखाना होगा।
इसके साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु बुजुर्गों एवं बच्चों को छठ घाट साथ में नहीं ले जाने हर संभव प्रयास घर के लोगों को ही करना होगा।
कलक्टर संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पूजा मनाने पहली बार आयोजित शांति समिति की बैठक में शांति पूर्वक एवं कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए मनाने का निर्णय समिति के सदस्यों द्वारा लिया गया।
कलक्टर संजीव कुमार झा (Surguja Collector) ने कहा कि वर्तमान में जिले में कोविड का संक्रमण थमा है लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। इसे देखते हुए कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) का पालन करना जरूरी है, इसके लिए खुद को सावधानी बरतना होगा।
पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कांबले ने कहा कि समिति द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल करेंगे। महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि कोविड संक्रमण को देखते हुए बुजुर्ग एवं बच्चों को छठ घाट स्थल नहीं ले जाने पर जोर देना होगा। अगले 10 दिन में शहर में कोरोना की स्थिति को देखकर प्रशासनिक निर्णय लिया जाए।
भीड़ नियंत्रण के लिए वालंटियर्स होंगे तैनात
छठ घाटों में पूजा के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के जवानों के साथ ही प्रत्येक घाट में 40-50 एनएसएस एवं एनसीसी के कैडेट की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। घाट में क्रेन, फायर ब्रिगेड, गोताखोर, तैराक, एम्बुलेंस एवं मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी।
सफाई के लिए तैनात रहेगी विशेष टीम
छठ घाटों में साफ-सफाई के लिए नगर निगम एवं छठ घाट समिति द्वारा विशेष सफाई टीम रखी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के घाट की सफाई व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी जाएगी। शंकर घाट एवं घुनघुट्टा नदी घाट में भीड़ को कम करने के लिए नए छठ व्रतियों को नए घाट में शामिल होने प्रोत्साहित किया जाएगा।