अंबिकापुर

Video: गर्भवती के लिए 2 किमी तक झेलगी बना एंबुलेंस, सड़क ऐसी कि महिलाओं ने महतारी को मारा धक्का, रास्ते मे ही गूंजी किलकारी

Chhattisgarh Government: गांव तक नहीं पहुंच पाई महतारी एक्सप्रेस तो परिजन ने प्रसुता को झेलगी पर टांग कर लाया, 4 घंटे में महतारी ने तय किया मात्र 32 किमी का सफर
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Jhelagi bana ambulance
Pregnant lady

अंबिकापुर. प्रदेश सरकार (Chhattisgarh Government) के मंत्री भले ही सरकारी योजनाओं का बखान जोर-शोर से कर रहे हों लेकिन सरगुजा के ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। मैनपाट ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम परपटिया का पनही पकना बारिश के दिनों में पहुंच विहीन हो जाता है।

रविवार को यहां एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचाने के लिए महतारी एक्सप्रेस तो समय पर पहुंच गई पर रास्ता खराब होने के कारण घर से 2 किमी दूर ही एंबुलेंस (Ambulance) को रोकना पड़ा। इस पर परिजन ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को झेलगी में टांग कर एंबुलेंस तक पहुंचाया।

इसके बाद भी परिजनों की परेशानी दूर नहीं हुई। परपटिया की कच्ची सड़क होने के कारण एंबुलेंस चालक को घाट पर चढऩे में काफी परेशानी हई। महिला की जान बचाने के लिए प्रसव कराने साथ में जा रही महिलाओं को एंबुलेंस को धक्का देना पड़ा। काफी कठिन रास्ता होने की वजह से एंबुलेंस की गति काफी धीमी थी और प्रसुता की हालत बिगड़ती ही जा रही थी।

कुछ देर बाद एंबुलेंस में ही प्रसव की स्थिति बनने लगी, यह देख एंबुलेंस स्टाफ ने ग्राम डांड़केसरा के पास महिला का सुरक्षित प्रसव कराया, फिर उसे कमलेश्वरपुर अस्पताल लाकर भर्ती कराया। परपटिया से कमलेश्वरपुर अस्पताल पहुंचने में 4 घंटे का समय लग गया।

गौरतलब है कि मैनपाट ब्लॉक से 32 किमी दूर परपटिया पंचायत के ग्राम पनही पकना निवासी 22 वर्षीय धनेश्वरी कोरवा पति दिलीप कोरवा को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई।

इस पर गांव की मितानिन निर्मला ने महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए महतारी एक्सप्रेस को फोन किया। सूचना पर महतारी एक्सप्रेस सुबह 8.45 बजे वहां पहुंच गई। गांव में जाने का रास्ता नहीं होने के कारण एंबुलेंस को गांव से २ किमी पीछे कच्ची सड़क पर रोकना पड़ा।


गांव तक जाने का नहीं है रास्ता
गांव तक जाने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण एंबुलेंस चालक ने दो किमी पीछे ही वाहन रोक दिया। इस पर परिजन ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को झेलगी में टांग कर उसे एंबुलेंस तक पहुंचाया। इस दौरान महिला को झेलगी में पैर मोड़कर बैठने में काफी परेशानी से गुजरना पड़ा।

एंबुलेंस को धक्का मारना पड़ा
मैनपाट ब्लाक के कई ऐसे ग्राम पंचायत है जो बारिश के दिनों में पहुंचविहीन हो जाते हंै। कहीं सड़क नहीं है तो कहीं पुलिया नहीं होने से उफनती नदी को जान हथेली पर रख कर पार करना पड़ता है। प्रसव से तड़प रही महिला के परिजन ने झेलगी में टांग कर किसी तरह एंबुलेंस तक तो पहुंचाया, लेकिन इसके बाद भी समस्या कम नहीं हुई।

गर्भवती महिला को लेकर निकलते ही एंबुलेस चालक को कच्ची सड़क पर घाट चढ़ाने में काफी परेशानी हुई। जब वाहन घाट पर नहीं चढ़ पाया तो प्रसव करवाने साथ में रही महिलाओं को नीचे उतरकर एंबुलेंस को धक्का देना पड़ा।


अस्पताल पहुंचने में लग गए 4 घंटे
परपटिया से मैनपाट की दूरी मात्र 32 किमी है। कच्ची सड़क होने के कारण एंबुलेंस नहीं चल पा रही थी। चालक किसी तरह धीरे-धीरे एंबुलेंस चला रहा था। इससे अस्पताल पहुंचने में काफी समय लग गया। इसी बीच एंबुलेंस में ही प्रसव की स्थिति बनने लगी, यह देख एंबुलेंस स्टाफ जोसेफ केरकेट्टा व विनय भगत ने ग्राम डांड़केसरा के पास महिला का सुरक्षित प्रसव कराया, फिर उसे कमलेश्वरपुर अस्पताल लाकर भर्ती कराया। यहां जच्चा-बच्चा की स्थिति सामान्य है।

Published on:
11 Aug 2019 08:48 pm
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