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Surguja Kavad Yatra: कैलाश गुफा के लिए निकले 600 से अधिक कांवरिए, 120 किमी की करेंगे पदयात्रा, संत गहिरा गुरु के हैं उपासक

Kavad Yatra in Surguja: सरगुजा जिले के उदयपुर स्थित ऐतिहासिक स्थल रामगढ़ के छोटे तुर्रा से कांवर में जल उठाकर निकले कांवरिए, हर वर्ष सावन शुक्ल पक्ष की नवमीं तिथि पर निकलते हैं कांवरिए
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Sant Gahira Guru devotees in Kavad Yatra

Surguja Kavad Yatra, रामगढ़ स्थित छोटे तुर्रा से जल उठाते संत गहिरा गुरु के उपासक (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग समेत अन्य जिलों के कांवरियों द्वारा सावन के महीने में जल लेकर कैलाश गुफा (Kailash Gufa) स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में संत गहिरा गुरु के उपासकों की इस वर्ष भी ऐतिहासिक कांवर यात्रा शुरु हो गई है। 600 से अधिक उपासक रामगढ़ स्थित छोटे तुर्रा से जल लेकर कैलाश गुफा के लिए रवाना हो गए हैं। कांवरिए 120 किलोमीटर की पदयात्रा कर चौथे दिन कैलाश गुफा पहुंचेंगे और शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बार संत गहिरा गुरु के उपासकों में वृद्धि देखी जा रही है।

बता दें कि संत गहिरा गुरु के उपासक हर वर्ष कांवर यात्रा (Kavad Yatra) करते हैं। कांवरियों की यह यात्रा सावन मास की नवमीं तिथि को शुरु हुई है। यात्रा रामगढ़ से उदयपुर, लखनपुर, मेंड्रा, कंठी, रघुनाथपुर, झेराडीह, सामरबार होते हुए कैलाश गुफा तक पहुंचेगी। इस दौरान रास्तेभर उनके स्वागत व जलपान की व्यवस्था श्रद्धालुओं द्वारा की गई है। इसी कड़ी में कांवरियों का जत्था उदयपुर पहुंचा।

यहां अग्रवाल समाज की ओर से सामुदायिक भवन में जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। कांवरियों का समाज के सदस्यों ने स्वागत किया और उनकी यात्रा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

इस आयोजन को सफल बनाने में संत गहिरा गुरु (Sant Gahira Guru) के छोटे पुत्र गेंद बिहारी सिंह, ग्राम अंधला निवासी गोविंद सिंह अंधला, कंदरई निवासी कैलाश कंदरई, सामरबार-बगीचा निवासी जय प्रकाश व ग्राम पलका के गंवटिया समेत अन्य सहयोगी सक्रिय हैं। इस वर्ष कांविरयों की ऐतिहासिक भीड़ को देखते हुए यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Surguja Kavad Yatra News: जलाभिषेक की है वर्षों पुरानी परंपरा

संत गहिरा गुरु के उपासकों द्वारा कैलाश गुफा में जलाभिषेक की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। हर वर्ष सावन शुक्ल पक्ष की नवमीं तिथि को रामगढ़ (Ramgarh Pahad) स्थित छोटा तुर्रा से पवित्र जल उठाया जाता है और तेरस तिथि को कैलाश गुफा पहुंचकर भगवान शिव के शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है। श्रद्धालु पूरी यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था और अनुशासन के साथ पदयात्रा करते हैं। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ अपनी यात्रा पूरी कर कैलाश गुफा में जलाभिषेक करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

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