अंबिकापुर

अमरकंटक की तरह विकसित होगा छत्तीसगढ़ का मिनी शिमला मैनपाट

जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणी वोरा ने अफसरों से एक माह के भीतर मांगा ब्लू प्रिंट

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Sonamani Vora in Mainpat

अंबिकापुर. जल संसाधन विभाग के सचिव सोनमणी बोरा ने छत्तीसगढ़ के मिनी शिमला के नाम से विख्यात मैनपाट को मध्यप्रदेश के अमरकंटक की तरह विकसित करने के लिए एक माह के भीतर ब्लू-प्रिंट तैयार करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। सोनमणी बोरा ने यह निर्णय गुरुवार को सरगुजा के संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सम्पन्न विभागीय अधिकारियों की संभागीय बैठक में कमिश्नर अविनाश चम्पावत के साथ लिया।


जल संसाधन विभाग के सचिव बोरा ने मुख्य अभियंता जल संसाधन इन्द्रजीत उइके को निर्देशित किया कि मैनपाट के प्राकृतिक सौन्दर्य को निखारने के उद्देश्य से जल संवर्धन के लिए सभी आवश्यक उपाए किए जाएं। उन्होंने कहा कि मैनपाट की पहाडिय़ों में नदी-नालों की बहुलता है, लेकिन अधिकांश नदी-नाले गर्मी के दिनों में सूख जाते हैं।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि मैनपाट में नैसर्गिक रूप से बहने वाली नदी-नालों में उपयुक्त स्थानों का चयन कर पर्याप्त संख्या में चेक डेम बनाने संबंधी ब्लू-प्रिंट एक माह के भीतर प्रस्तुत करें। बोरा ने कहा कि मैनपाट में जल संरचनाओं के विकास से मैनपाट की सुन्दरता में और निखार आएगी।

इसके साथ ही फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा और कुछ स्थानों पर सौर ऊर्जा के माध्यम से भी सिंचाई हो सकेगी। इससे कृषि कार्यों को तो बढ़ावा मिलेगा ही, इसके साथ ही इससे निस्तार की सुविधा भी मिलेगी और इस क्षेत्र की हरियाली में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से मैनपाट लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। बोरा ने अधिकारियों को शीघ्र कार्य-योजना को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं।


मैनपाट में ये हैं आकर्षण के केंद्र
छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से विख्यात मैनपाट में टाइगर प्वाइंट व फिश प्वाइंट स्थित ऊंचाइयों से गिरता झरना लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वहीं जलजली में ऐसी जमीन है जो स्पंज की भांति है। इस पर कूदने से जमीन गद्दे जैसा व्यवहार करता है। इसके अलावा मैनपाट की हरियाली व वादियां लोगों को अपनी ओर खींचती है।

Published on:
15 Dec 2017 09:59 pm
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