
अंबिकापुर। जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा ने 3 शिक्षकों के खिलाफ निलंबन (Teachers suspended) की कार्रवाई की है। तीनों शिक्षकों पर धोखाधड़ी से लेकर हत्या के प्रयास तक का मामला दर्ज है। अपराध की गंभीरता व इन मामलों में हुई जेल के बाद डीईओ ने यह कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रधान पाठक राजकुमार पैकरा प्राथमिक शाला कटघोरियापारा विकासखंड उदयपुर के विरूद्ध थाना मणिपुर अंबिकापुर में धोखाधड़ी का धारा 318(4), 317(4), 61 (2) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
डीईओ ने बताया कि उक्त प्रकरण में आरोपी शिक्षक राजकुमार पैकरा को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से उन्हें केन्द्रीय जेल में निरूद्ध किया गया था। शिक्षक कुल 73 दिन तक न्यायिक अभिरक्षा में निरूद्ध रहा। शासकीय पद पर पदस्थ रहते हुए आपराधिक एवं धोखाधड़ी में संलिप्त पाए जाना तथा 48 घंटे से अधिक समय तक अभिरक्षा में निरूद्ध रहने शासकीय सेवक के पदीय दायित्वों एवं मर्यादा के विपरीत होकर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के सर्वथा प्रतिकूल एवं गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर शिक्षक राजकुमार पैकरा को निलंबित किया गया है।
इसी तरह त्रिपाल टोप्पो सहायक शिक्षक (एलबी) शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह, विकासखंड उदयपुर द्वारा वर्ष 2023 में किसी व्यक्ति से क्रिप्टोकरेंसी शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी (Fraud by teacher) की गई थी। 31 अगस्त 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। यहां से उसे जेल दाखिल कर दिया गया था, जिसे 6 अक्टूबर को न्यायालय से जमानत मिली है। शासकीय पद पर पदस्थ रहते हुए आपराधिक एवं धोखाधड़ी में संलिप्त पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित किया है।
वर्ष 2019 में उदयपुर विकासखंड अंतर्गत प्राइमरी स्कूल पेंडरखी में पदस्थ शिक्षक विजय कुमार यादव प्रधान पाठक द्वारा मारपीट व जानलेवा हमला (Try to murder) किया गया था। मणिपुर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 294, 323, 307 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। मामला न्यायालय में चल रहा था। 3 जनवरी 2026 को न्यायालय ने गंभीर व संज्ञेय अपराधों में दोषसिद्ध पाते हुए उसे 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया था।
सजा के बाद शिक्षक विजय कुमार को 3 जनवरी 2026 से केन्द्रीय जेल में निरूद्ध रखा गया। 8 अगस्त 2026 को हाई कोर्ट से सजा को स्थागित करते हुए जमानत दी गई। इस दौरान शिक्षक 9 माह तक लगातार जेल में रहा। निलंबन आदेश में लिखा गया है कि शिक्षक जैसे अत्यंत गरिमामयी अनुकरणीय एवं संवेदनशील पद पर पदस्थ रहते हुए उनका यह कृत्य गंभीर व अनुशासनहीनता तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम १९६५ के नियम ३ के सर्वथा विपरीत है। इससे शिक्षा विभाग की छवि की धूमिल हुई है। इस कारण जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा ने शिक्षक को निलंबित किया है।