
अंबिकापुर। दुर्ग जिले से बंदी को लेकर वहां के एएसआई और आरक्षक (Drunken ASI and Constable) 18 अक्टूबर को अंबिकापुर आए थे। बंदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने के बाद दोनों दुर्ग जाने के लिए अंबिकापुर प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे। दुर्ग बस में सवार होने से पूर्व ही दोनों ने छक कर शराब का सेवन किया। नशा इतना चढ़ गया कि दोनों को होश नहीं रहा और वे जमीन पर लुढक़ गए। सुबह करीब 7 बजे तक वे इसी हालत में पड़े रहे। जबकि एएसआई की इंसास रायफल एक ठेले के बेंच पर लावारिस हालत में पड़ी रही। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनका वीडियो बनाया और बस स्टैंड पुलिस को सूचना दी। मामले की सूचना मिलने के बाद दुर्ग एसपी ने एएसआई और आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है।
बता दें कि दुर्ग जिले में पदस्थ एएसआई प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी (Durg Police) को 17 अक्टूबर को एक बंदी को अंबिकापुर जेल में शिफ्ट करने भेजा गया था। 18 अक्टूबर को दोनों अंबिकापुर पहुंचे और बंदी को सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने के बाद दुर्ग जाने के लिए प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे। दोनों बस से दुर्ग रवाना होने वाले थे।
इस दौरान दोनों ने बस स्टैंड के पास ही स्थित शराब दुकान से शराब ली और एक ठेले के पास बैठकर जमकर जाम छलकाए। शराब के नशे में वे इतने टल्ली हो गए कि उन्हें होश ही नहीं रहा। आरक्षक कुर्सी से जमीन पर लुढक़ गया और एएसआई (Drunken ASI) भी एक दुकान के सामने रातभर लेटा रहा। इस दौरान एएसआई की इंसास रायफल ठेले के सामने ही रखे बेंच पर पड़ी रही।
आज सुबह बस स्टैंड के पास पहुंचे लोगों ने एएसआई और आरक्षक का जमीन में सोए वीडियो बनाया और बस स्टैंड चौकी में सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और एसपी राजेश अग्रवाल को सूचना देकर रायफल जब्त कर लिया। आरक्षक के पास ही शराब भरी डिस्पोजल गिलास पड़ी थी।
सरगुजा एसपी राजेश अग्रवाल (Surguja SP) ने मामले की सूचना दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल को दी। दुर्ग एसपी ने एएसआई प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दुर्ग पुलिस लाइन में अटैच कर दिया है। वहीं मामले में विभागीय जांच की भी बात कही जा रही है।