Elephant Attack: मैनपाट (Mainpat) के कंडराजा बैगापारा में हाथियों का उत्पात, 3 वर्षीय बालिका की जांघ की हड्डी टूटी, मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical college Hospital) किया गया रेफर
अंबिकापुर. मैनपाट (Mainpat) इलाके में हाथियों का आतंक जारी है। 22 जून की रात हाथियों ने कंडराजा के बैगापारा में 2 तथा बरवावली में 4 ग्रामीणों के घर जहां तोड़ दिए। वहीं एक घर तोड़ते समय परिवार के 4 सदस्य भागने लगे। इस बीच महिला की गोद से उसकी 3 वर्षीय मासूम गिर गई, इससे उसके जांघ की हड्डी टूट गई।
गनीमत रही कि वह हाथियों के चपेट में नहीं आई। इधर हाथियों ने महिला समेत अन्य 3 को घायल कर दिया। हाथियों के क्षेत्र में घुसकर उत्पात मचाने से ग्रामीणों में दहशत का आलम है।
गौरतलब है कि मैनपाट विकासखंड के कंडराजा समेत अन्य क्षेत्रों में हाथियों द्वारा पिछले कई सालों से उत्पात मचाया जा रहा है। इस दौरान हाथियों ने अपने रूट में पडऩे वाले कई घरों को निशाना बनाया था। कंडराजा गांव का बैगापारा के लगभग सभी घरों को हाथियों द्वारा तोड़ डाला गया था। (Elephant Attack)
हाथियों के बढ़ते आतंक को देखते हुए 3 वर्ष पूर्व तात्कालीन कलक्टर किरण कौशल के निर्देश पर वन विभाग द्वारा बैगापारा से 1 किमी दूर ग्रामीणों के लिए 27 पक्के घर की कॉलोनी का निर्माण कराया गया था। 22 जून की रात यहां हाथियों का दल पहुंच गया और 2 घरों को तोड़ डाला।
एक घर में दिनेश का परिवार सो रहा था। हाथियों द्वारा घर ढहाया जाने लगा तो आहट परिवार के सदस्य जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान दिनेश की पत्नी उर्मिला की गोद से उसकी 3 वर्षीय बेटी जीवंती गिर गई। इससे उसके जांघ की हड्डी टूट गई। हाथियों द्वारा दौड़ाए जाने से बालिका समेत 4 लोग घायल हो गए।
बालिका को मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
हाथियों के हमले में घायल बालिका जीवंती, उर्मिला, दिनेश तथा एतवा पिता भैसवार, गणेश पिता बिशन को नर्मदापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से जीवंती को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार पश्चात छुट्टी दे दी गई।
हाथियों ने तोड़े 6 घर
हाथियों के दल ने कंडराजा के बैगापारा में बनी कॉलोनी के 2 घर तोड़ दिए। इसके बाद हाथियों का दल बरवावली गांव पहुंचा। यहां 4 ग्रामीणों के घर तोड़ डाले। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का आलम है। जिन ग्रामीणों का घर हाथियों ने तोड़ा है, उसमें जोहन पिता एतवा, टुल्लू पिता रामधनी, किशन पिता मंगल व अन्य 3 शामिल हैं।