
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में इस बार मानसून (Surguja Mansoon) जमकर मेहरबान है। 4 माह की मानसूनी अवधि पूरी होने से पहले ही अंबिकापुर में औसत बारिश का आंकड़ा पार हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 31 अगस्त तक अंबिकापुर में कुल 1229.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो मानसून की सामान्य औसत वर्षा 1220 मिमी का 100.8 प्रतिशत है। यानी मानसून के अभी करीब 1 माह शेष रहते ही सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष अगस्त माह में बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त में कुल 658 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1969 के बाद अगस्त माह में दूसरी सबसे अधिक बारिश है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मानसून की अवधि कुल 122 दिन यानी चार माह की होती है। सोमवार को मानसून के 92 दिन पूरे हुए हैं। इसके बावजूद अंबिकापुर में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। जून से अगस्त तक तीन महीनों में ही अच्छी बारिश होने से जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है।
इस साल अगस्त माह में रिकॉर्ड बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त में कुल 658 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1969 के बाद अगस्त माह में दूसरी सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले अगस्त माह में इतनी अधिक बारिश का आंकड़ा कभी-कभार ही दर्ज हुआ है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में लगातार सक्रिय रहे मानसूनी सिस्टम के कारण जिले में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी रहा।
मानसून की शुरुआत में जून माह में बारिश सामान्य से कम रही और पूरे महीने में 109.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद जुलाई में मानसून पूरी तरह सक्रिय हुआ और 462 मिमी बारिश रिकॉर्ड (Record rain) की गई। अगस्त में बारिश की रफ्तार और बढ़ गई। तीनों महीनों की बारिश को मिलाकर अब तक 1229.3 मिमी पानी गिर चुका है।
अच्छी बारिश से जिले के किसानों को बड़ी राहत (Farmers in relief) मिली है। धान सहित खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलने से खेती-किसानी का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है।
मौसम विभाग (Meteorology Department) ने बताया कि मानसून अभी सक्रिय स्थिति में है। अगले कुछ दिनों तक सरगुजा संभाग में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। अगस्त के अंतिम दिनों में हुई बारिश ने जिले के मानसूनी आंकड़ों को मजबूत कर दिया है। अब लोगों की नजर सितंबर माह में होने वाली बारिश पर है, जिससे वर्षा का कुल आंकड़ा और बढऩे की संभावना है।