
अंबिकापुर। बारिश के पूर्व सडक़ों की ठोस मरम्मत नहीं कराए जाने का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। यही वजह है कि शहर व शहर से निकलने वाली अधिकांश सडक़ों पर बड़े-बड़े जहां गड्ढे (Ambikapur shabby roads) हो गए हैं, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही से ये कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। इन मार्गों पर हर दिन सैकड़ों लोग परेशानी का सामना करते हुए आवागमन कर रहे हैं। इसी बीच अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग पर रविवार की शाम सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार व जिम्मेदार विभाग के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रसिद्ध लोकगीत ‘हाय रे सरगुजा नाचे’ पर कीचड़ में जमकर डांस किया। उनका कहना था कि जब नेता मस्त हैं तो हम भी मस्त क्यों न रहें। भले ही गड्ढो भरी सडक़ पर चलना पड़े।
अंबिकापुर के सडक़ों की हालत (Ambikapur Road Condition) किसी से छिपी नहीं है। नेशनल हाइवे से लेकर स्टेट हाइवे तथा शहर की सडक़ों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे शहरवासी से लेकर दूसरे जिलों से आने वाले लोग भी परेशान हैं। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के सडक़ों की जर्जर हालत देख लोग जिम्मेदारों को कोस रहे हैं।
हालांकि विधायक व मंत्रियों का कहना है कि सडक़ निर्माण का कार्य स्वीकृत हो गया है, बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य चालू कर दिया जाएगा। बता दें कि अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ एनएच गांधी चौक से लेकर रेलवे स्टेशन तक फोरलेन (Ambikapur Four Lane Road) बनना है। अंबिकापुर के भारतमाता चौक से लेकर दरिमा मोड़ तक तो सडक़ों की हालत और खस्ता है।
इस मार्ग पर बने गड्ढों में भरे कीचडय़ुक्त पानी में सप्ताहभर पूर्व ही सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्नान कर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद उक्त मार्ग पर बोल्डर से मरम्मत कार्य (Road Repairing) कराया गया था।
इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ताओं (Social Activist) सुजान बिंद, राजेंद्र बहादुर सिंह, अंकुर सिन्हा, संजय ठाकुर समेत अन्य ने अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग पर रावत रेसिडेंसी कॉलोनी के सामने की जर्जर सडक़ पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने सडक़ पर बने गड्ढों में लोकगीत पर डांस किया। उनका कहना था कि यहां के नेता होटलों, पार्कों में आयोजित कार्यक्रमों में अपना सम्मान करा रहे हैं, लेकिन जर्जर सडक़ को देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। उन्हें आम जनता की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है।