
वाशिंगटन। सुप्रीम कोर्ट के जज पद के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नामित ब्रेट कैवनॉग ने गुरुवार को सेनेट की न्यायिक समिति के समक्ष क्रिस्टिन ब्लेसी फॉर्ड द्वारा लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों को झुठला दिया। यही नहीं कैवनॉग ने इन आरोपों को अपमान बताया है।
इन झूठे आरोपों से पूरी तरह बदनाम हुआ मेरा परिवार: कैवनॉग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के जज पद पर उनके नामांकन की पुष्टि की यह प्रक्रिया राष्ट्रीय अपमान बन गई है। इस पुष्टि प्रक्रिया में सेनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है।' कैवनॉग ने समिति के सामने अपने बयान में कहा, 'मेरे परिवार और मेरे नाम को इन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों से पूरी तरह से बदनाम कर दिया गया।' बता दें कि सेनेट की न्यायिक समिति कैवनॉग के नामांकन को मंजूरी देने या नहीं देने पर फैसला करेगी।
फॉर्ड ने अपने आरोपों को लेकर पॉलीग्राफ टेस्ट की बात कही
सीनेट की इस कार्यवाही को कई प्रमुख टेलीविजन चैनल ने लाइव दिखाया। दूसरी ओर कैवनॉग इससे पहले फॉर्ड समिति के समक्ष पेश हुई थी। फॉर्ड ने अपने आरोपों को लेकर पॉलीग्राफ टेस्ट की बात कही थी। फॉर्ड ने समिति के अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा था, 'वह मेरे साथ दुष्कर्म करने जा रहा था। मैंने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की लेकिन ब्रेट ने अपना हाथ मेरे मुंह पर रख दिया ताकि मेरी आवाज बाहर न जा सके। मेरे लिए सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था और मुझे लगा कि ब्रेट दुर्घटनावश मुझे मार देगा। इस घटना का मेरे जीवन पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ा।'
पहले नाम सार्वजनिक न किए जाने की थी अपील
गौरतलब है कि फॉर्ड ने कैवनॉग पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने बीते जुलाई में डेमोक्रेट्स को एक पत्र भेजा था, जिसमें यौन उत्पीड़न करने की आप बीती सुनाई थी। उनका कहना था कि ये मामला तब का है जब वो और कैवनॉग दोनों ही किशोर थे। पहले फॉर्ड ने यह आग्रह भी किया था कि उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया जाए। हालांकि, बाद में फॉर्ड ने सार्वजनिक तौर पर सामने आकर कैवनॉग पर आरोप लगाए।