
टेक्सास: अमरीका में एक बार फिर से हुए एक हमले में 27 लोगों की मौत हो गई है। टेक्सास में एक हमलावर ने चर्च के अंदर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को भी मार गिराया है। अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ये आतंकी हमला था या नहीं। इस हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं। बीते 10-15 दिनों के अंदर अमरीका में ये दूसरा बड़ा हमला है। ये हमला अमरीका के सैन एंटोनियो के दक्षिण-पूर्व में फर्स्ट बैपटिस्ट चर्च में हुआ है।
एयरफोर्स में था डेविड केली
चर्च के अंदर फायरिंग कर 27 लोगों की जान लेने वाले हमलावर को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। खबरों के मुताबिक, हमलावर की पहचान भी हो गई है। उसका नाम डेविन पे केली है और उसकी उम्र 26 साल बताई जा रही है। वो सैन एंटोनियो में रहता था। डेविन यूएस एयरफोर्स में रह चुका है। खबरों की मानें तो उसे कोर्ट मार्शल कर एयरफोर्स से बर्खास्त किया गया था। वो साल 2010 में न्यू मैक्सिको के ओटेरो के होलोमोन एयरफोर्स बेस में तैनात था। अमरीका की सुरक्षा ईकाई पेंटागन ने भी ये कंफर्म किया है कि डेविड केली एयरफोर्स में रह चुका है। पुलिस ने बताया कि हमलावर को उसकी गाड़ी में मृत पाया गया है।
आतंकी संगठन से जुड़े होने का है शक
इसके अलावा अमरीकी रक्षा विभाग ने डेविन केली के बारे में अधिक जानकारी प्रकट नहीं की है। केली का फेसबुक पेज भी डिलिट मिला है, जिससे ये पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि वो किसी आतंकी संगठन से जुड़ा था या नहीं। पुलिस ने बताया है कि उसके 2 छोटे बच्चे भी थे।
ट्रंप ने की हमले की निंदा
टेक्सास में हुए हमले को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "ईश्वर सदरलैंड स्प्रिंग्स, टेक्सास के लोगों का साथ दे. एफबीआई और पुलिस मौके पर हैं. मैं जापान से घटना पर नजर रखे हुए हूं."