
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र में भारत की विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज के द्वारा पाकिस्तान बख्खियां उधेड़े जाने के बाद पूरी दुनिया में पाकिस्तान की थू-थू हो रही है। ऐसे में पाकिस्तान चौतरफ घिर चुका है। भारत की इस कार्रवाई के बाद अमरीका के पूर्व सेनेटर लैरी प्रेसलर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैन हो गए हैं। जी हां, एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। साथ ही लैरी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए उन्हें अमरीका का सबसे बेहतर राष्ट्रपति बताया है।
मोदी के कायल हुए लैरी
इंटरव्यू में लैरी प्रेसलर ने कहा कि यूएन में भारत के द्वारा पाकिस्तान को घेरे जाने का पूरा श्रेय पीएम मोदी की नेतृत्व वाली सरकार को जाता है। लैरी ने कहा कि पीएम मोदी ने ही पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। लैरी ने आगे कहा कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमरीका की तरफ से वीजा न दिया जाना बेहद ही आश्चार्यजनक था, जो कि अमरीका पर एक दाग की तरह रहेगा।
दोनों देश मिलकर पाकिस्तान को करें तबाह
वहीं लैरी ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भारत और अमरीका को मिलकर पाकिस्तान के परमाणु जखीरे को तबाह कर देना चाहिए, जिसके दम पर वो उछलता रहता है। ट्रंप को लेकर लैरी प्रेसलर का कहना है कि वो (डोनाल्ड ट्रंप) अमरीका के अब तक के इतिहास के सबसे बेहतर प्रेजिडेंट साबित होंगे।
ट्रंप को रखनी होगी पेंटागन पर नजर
लैरी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा देश जो आतंकवादियों को पनाह देने के मामले में दुनिया भर में जाना जाता हो, उसपर भारत और अमरीका को मिलकर कोई कार्रवाई करनी चाहिए। लैरी ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान पर शिकंजा कसने के लिए सबसे पहले डोनाल्ड ट्रंप को पेंटागन पर नजर रखनी होगी, क्योंकी पेंटागन ने हमेशा से ही पाकिस्तान को बढ़ावा दिया है। लैरी ने बताया कि पेंटागन हमेशा पाकिस्तान को आर्थिक सहायता और सैन्य शक्ति में बढ़ावा देता रहता है। लैरी ने कहा, ''पेंटागन के बढ़ावे के दम पर ही पाकिस्तान में इतनी ताकत आई है कि उसने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत को 'मदर ऑफ टेरेरिज्म' तक कह दिया है।
3 बार अमरीका के सेनेटर रहे हैं लैरी
आपको बता दें कि लैरी प्रेसलर 3 बार अमरीका के सेनेटर और 2 बार हाउस ऑफ रेप्रिजेंटटिव के सदस्य रह चुके हैं। 75 साल के लैरी चर्चित प्रेसलर संशोधन के लिए जाने जाते हैं जिसके तहत 1990 में पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता पर रोक लगी थी। रिपब्लिकन रहे प्रेसलर ने अपनी किताब 'नेबर्स इन आर्म्स' में अमेरिकी विदेश नीति में आए बदलावों पर चर्चा की है जिसके जरिए पाकिस्तान न्यूक्लियर हथियार विकसित कर पाया है।
2016 में ट्रंप के खिलाफ थे लैरी
प्रेसलर काफी समय से रिपब्लिकन पार्टी से खुद को अलग कर चुके हैं। उन्होंने साल 2014 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हिलरी क्लिंटन को समर्थन दिया था। ट्रंप से कई मतभेदों के बावजूद लैरी को लगता है कि ट्रंप इतने भी बुरे नहीं हैं जितना उनको यूएस मीडिया बताती है।