अमरीका

रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार भेजने पर संयुक्त राष्ट्र खफा, भारत से मांगा जवाब

उच्चायुक्त की तरफ से कहा गया है कि हमने भारतीय अधिकारियों से जेल में बंद शरणार्थियों को शरण देने के लिए कई बार अनुरोध किया लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया।  
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 Rohingya Refugees
रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार भेजने पर संयुक्त राष्ट्र चिंचित, भारत से मांगा जवाब

संयुक्त राष्ट्रः संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार वापस भेजने को लेकर भारत के फैसले पर चिंता जाहिर की है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (UNHCR) ने इस मामले में भारत सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा है। उच्चायुक्त की तरफ से कहा गया है कि हमने भारतीय अधिकारियों से जेल में बंद शरणार्थियों को शरण देने के लिए कई बार अनुरोध किया लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया।

तीन जनवरी को पांच लोगों को भेजा गया म्यांमार

असम में अवैध रूप से रहने के आरोप में जेल में बंद एक ही परिवार के पांच रोहिंग्या मुसलमानों को गुरुवार(तीन जनवरी) को म्यांमार में भेज दिया गया। भेजे पांच लोगों में पति-पत्नी के अलावा तीन बच्चे शामिल हैं। इन लोगों को असम में 2014 में गिरफ्तार किया गया था। जेल से निकलने के बाद इन लोगों ने कहा था कि अभी भी 20 ऐसे लोग हैं जो म्यांमार से भारत अवैध रुप से आए थे। बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ४० हजार रोहिंग्या मुसलमान देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे हैं।

कौन हैं रोहिंग्या मुसलमान ?

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार में करीब 8 लाख रोहिंग्या मुस्लिम रहते हैं और वे इस देश में कई वर्षों से रहते आए हैं। लेकिन यहां की सरकार इन लोगों को अपना नागरिक नहीं मानती है। बिना किसी देश के इन रोहिंग्या लोगों को म्यांमार में भीषण दमन का सामना करना पड़ता है। बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग बांग्लादेश और थाईलैंड की सीमा पर स्थित शरणार्थी शिविरों में अमानवीय स्थितियों में रहने को विवश हैं।जबकि बड़ी संख्या में ये लोग पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश और भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं।

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Updated on:
05 Jan 2019 04:26 pm
Published on:
05 Jan 2019 04:26 pm