अमरीका

नाटो के सदस्य देशों से खफा हैं डोनाल्ड ट्रंप, सैन्य और रक्षा मामलों पर दिया सुझाव

नाटो के महासचिव जेन स्टोटेलनबर्ग ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा चार फीसदी खर्च करने से पहले हमें दो फीसदी के आंकड़े तक आना होगा।
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Updated: 12 Jul 2018, 11:14 AM IST
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US President Donald Trump

ब्रसेल्स। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से सुरक्षा और सैन्य मामले पर एक बार फिर पहल की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के राष्ट्र प्रमुखों से संगठन की मुख्य जरुरतों को पूरा करने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का चार फीसदी खर्च करने का आग्रह किया है।

नाटो के महासचिव जेन स्टोटेलनबर्ग ने मामले पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा चार फीसदी खर्च करने से पहले हमें दो फीसदी के आंकड़े तक आना होगा। महासचिव ने आगे कहा कि नाटो के 29 सदस्य देशों में से सिर्फ 8 देश ही इस लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं।

हांलाकि ट्रंप ने जितनी धनराशि इस संगठन को खर्च करने के लिए कहा है उतना वो खुद भी इस संगठन को नहीं दे रहे है। नाटो ने हाल ही में आंकड़ों की एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि अमरीका ने पिछले साल नाटो के सैन्य खर्च लिए मात्र 3.5 फीसदी ही दिए थे।

वहीं व्हाइट हाऊस की प्रवक्ता साराह सैंडर्स मामले पर सामने आईं और कहा कि उन्होंने नाटों की सैन्य सुरक्षा की धनराशि को बढ़ाने के लिए सिर्फ आग्रह किया है, ये कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि ट्रंप ने संगठन के सदस्यों को सुझाव दिया है कि नाटो के सदस्य देश संगठन के रक्षा खर्च पर अपने सकल घरेलू उत्पाद का

दो फीसदी ना देकर चार फीसदी खर्च करें। इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मेंक्रोन के सूत्रों ने इसे मात्र शब्दों का आडम्बर बताया है।

गौरतलब है कि नाटो उत्तरी अटलांटिक महासागर की सीमा के 28 देशों का एक गठबंधन है। इसमें कनाडा, संयुक्त राज्य अमरीका, तुर्की और यूरोपीय संघ के अधिकांश सदस्य शामिल हैं। अमरीका नाटो के बजट के तीन-चौथाई योगदान देता है। 2016 के राष्ट्रपति अभियान के दौरान भी डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अन्य नाटो सदस्यों को अधिक योगदान करना चाहिए। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि यह रूस के खिलाफ आतंकवाद से मुकाबला करने के बजाय यूरोप की रक्षा पर केंद्रित है। नाटो का मिशन अपने सदस्यों की स्वतंत्रता की रक्षा करना है। आपको बता दें कि 8 जुलाई, 2016 को नाटो ने घोषणा की थी कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अपने पूर्वी मोर्चे को किनारे करने के लिए हवा और समुद्री गश्त बढ़ाएगा।

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