- देहदान का आवेदन ऑनलाइन कराने भटक रहे दंपत्ति, किसी ने नहीं तो की 181 पर शिकायत।
अशोकनगर. दंपत्ति ने जीवन भर सेवा कार्य किए और जब बुजुर्ग हुए तो दोनों ने देहदान की घोषणा कर दी। ताकि मरने के बाद भी उनका शरीर लोगों के काम आ सके। मेडीकल कॉलेज में देहदान का आवेदन करने के बाद अब दंपत्ति अपना ऑवेदन ऑनलाइन कराने भटक रहे हैं, कई दिन परेशान होने के बाद जब किसी ने समस्या नहीं सुनी तो उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है।
शहर के बोहरे कॉलोनी निवासी 85 वर्षीय केशवसिंह तोमर और उनकी पत्नी 73 वर्षीय रामस्वरूपी तोमर ने देहदान का निर्णय लिया है। इसके लिए दंपत्ति दो जून 2012 को गांधी मेडीकल कॉलेज भोपाल में देहदान का आवेदन भी कर चुके हैं, लेकिन जब वहां से जानकारी मिली कि देहदान के आवेदन को जिला अस्पताल से ऑनलाइन कराया जाना है। केशवसिंह तोमर ने बताया कि वह कई दिन से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनके आवेदन को ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है। इसकी वह सिविल सर्जन से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जब किसी ने उनकी समस्या नहीं सुनी तो उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है।
पति सेना में रहे और पत्नी रही शहर में पार्षद-
केशवसिंह तोमर ने बताया कि वह भारतीय सेना में इंजीनियर कोर में ब्लास्टमेन टुकड़ी में रहे। 1960 से 1965 तक सेना में कश्मीर व लद्दाख में सेवा दी। भारतीय सेना के बाद भारतीय स्टेट बैंक कानपुर व गुना में गार्ड की नौकरी और छात्रावास अधीक्षक रहे। वहीं 12 वर्ष तक सेवाभारती में काम किया। उनकी पत्नी रामस्वरूपी तोमर शहर में 1994 से 1999 तक वार्ड पार्षद रहीं। केशवसिंह तोमर ने बताया कि वह चाहते हैं कि मरने के बाद उनका शरीर भी लोगों के काम आ सके, इसलिए दोनों पति-पत्नी ने अपनी देहदान का निर्णय लिया है।
वर्जन-
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है, हो सकता है कि पहला मामला है और अस्पताल के पास फॉर्मेट उपलब्ध न हो, जिससे आवेदन ऑनलाइन न हो पा रहा हो। मामले में जानकारी ली जाएगी और उनके आवेदन को ऑनलाइन कराया जाएगा।
डॉ.नीरजकुमार छारी, सीएमएचओ अशोकनगर