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अशोकनगर. जिला अस्पताल में इन दिनों सर्दी-जुखाम, बुखार व उल्टी-दस्त के बच्चे अधिक आ रहे हैं। इसके शिशु वार्ड पर पलंग कम और बच्चे अधिक हो गए हैं। इस पर यहां भर्ती बच्चों के पुरुष परिजन आकर पलंगों पर सो जाते हैं। इसके बच्चों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं मिल रही है।
मंगलवार को जब पत्रिका टीम जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में पहुंची तो वहां 15 पलंगों पर 30 बच्चे भर्ती थे। एक-एक पलंग पर दो और तीन बच्चे थे। कुछ पलंगों पर एक पलंग पर दो-तीन बच्चों के साथ महिलाएं भी बैठी मिलीं। वहीं कुछ पलंगों पर पुरुष सोते हुए मिले। जबकि दो महिलाएं बच्चों को लेकर बाहर बैठी भर्ती करने का इंतजार कर रही थीं। वार्ड की नर्स ने बताया कि ये पुरुष पलंग पर आकर सो जाते हैं। मना करने पर मानते नहीं है, ज्यादा बहस करो तो बदतमीजी पर उतर आते हैं। इससे उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रात में परेशानी अधिक आती है। नर्स ने बताया कि ज्यादातर वार्डों में रात के समय अकेली नर्सें अकेली होती हैं।
शिशु वार्ड में पलंग पर जगह न होने से एक महिला छोटे से बच्चे को सीढ़ी पर लेकर बैठी मिली। महिला ने बताया कि एक भी पलंग खाली नहीं था, इसलिए बाहर आकर बैठ गई। वहीं एक अन्य महिला अपने बच्चे को भर्ती करने के बाद बाहर भटकती हुई मिली, उसे बच्चे को भर्ती करने पलंग नहीं मिल रहा था।
अस्पताल में सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड रखे गए थे। लेकिन पुरानी कंपनी का टेंडर खत्म हो गया है और एक माह गुजर जाने के बावजूद अभी तक नए टेंडर नहीं हो सके हैं। जबकि अस्पताल में एक डाक्टर पर बंदूक तानने के साथ ही नर्सों और स्टाफ के साथ अभद्रता की घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में इमर्जेंसी वार्ड में कुछ लोगों ने शराब के नशे में एक नर्स के साथ अभद्रता की, लेकिन इसके बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।