S-400 मिसाइल डिफेंस समझौते पर पाकिस्तान ने रूस से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
इस्लामाबाद: अभी हाल में ही भारत-रूस के बीच हुए s-400 मिसाइल डिफेंस समझौते से पाकिस्तान डर गया है। पाकिस्तान ने रूस से इस मामले में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने कहा है कि भारत को हथियार देने से पहले रूस को पाकिस्तान के हितों को ध्यान में रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस समझौते से क्षेत्र में शाक्ति संतुलन बिगड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश घातक हथियारों की होड़ के खिलाफ है लेकिन पाकिस्तान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
पाक मी़डिया ने दी थी सरकार को चेतावनी
पाकिस्तानी मीडिया ने इस समझौते को पाकिस्तान और चीन के लिए अच्छी खबर नहीं बताया था । एक दैनिक समाचार पत्र ने अपने संपादकीय में लिखा था कि S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे रक्षा समझौते से भारतीय सेना पहले से और मजबूत होगी। अखबार ने लिखा था कि भारत अपनी सेना को मजबूत करने के लिए अरबों रूपए खर्च कर रहा है। जोकि पाकिस्तान के लिए चिंताजनक बात है। पाकिस्तान के एक अन्य अखबार ने लिखा था कि अमरीका और रूस की दुश्मनी जगजाहिर है। इसके बावजूद रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है, जबकि अमरीका का स्थान दूसरे नंबर पर आता है। भारत की यह कूटनीतिक सफलता ही है कि भारतीय सेना अमरीका और रूस दोनों से हथियार खरीद रही है। अखबार ने कहा था कि भारत चीन और पाकिस्तान से संभावित खतरे से निपटने के लिए S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसा बड़ा रक्षा सौदा किया है। जोकि चीन और पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है। अखबार ने लिखा था कि पाकिस्तान को भारत से सतर्क रहने की जरुरत है।