आतंकवाद के आरोपों को लेकर नशीद को 13 साल जेल की सजा सुनाई गई थी
कोलंबो। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद गुरुवार को निर्वासन के बाद स्वदेश लौट आए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले उनकी गिरफ्तारी वॉरंट को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि जब तक आतंकवाद के खिलाफ उनकी जेल की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा सकता है।
13 साल जेल की सजा सुनाई गई थी
आतंकवाद के आरोपों को लेकर नशीद को 13 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। नशीद तीन साल की सजा काट चुके थे। नशीद का नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह ने माले स्थित एयरपोर्ट पर स्वागत किया। इस दौरान उनके सैंकड़ों समर्थक भी मौजूद थे। हालांकि,अभी यह तय नहीं है कि सोलेह के नेतृत्व वाली सरकार में उनकी क्या भूमिका होगी। वह 2016 में निर्वासन में चले गए थे,तब से उनपर भगोड़े का आरोप लग गया था। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के कार्यकाल में उनकी वापसी होने पर उनकी गिरफ्तारी का खतरा बना हुआ था जिन्होंने अपने अधिकांश विरोधियों को या तो जेल में बंद कर दिया था या फिर निर्वासन में।
यामीन को हार का मुंह देखना पड़ा
बीते माह हुए राष्ट्रपति चुनाव में यामीन को हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं, राष्ट्रपति चुने गए सोलेह नशीद के मालदिवियन डेमोक्रैटिक पार्टी (एमडीपी) के उम्मीदवार थे। नशीद को यामीन के खिलाफ चुनाव लड़ने की उम्मीद थी लेकिन चुनाव आयोग ने उनपर प्रतिबंध लगा दिया था।