
काबुलः उत्तर अटलांटिक संधि संगठन(नाटो) के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग मंगलवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नाटो हमेशा अफगान सैनिकों के सहयोग के लिए प्रतिबद्घ है। वहीं, राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि अफगान लोग शांति चाहते हैं, लेकिन देश पर युद्ध थोपा गया है। तालिबान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, हमें शांति की प्रक्रिया में तेजी लाने और संघर्ष विराम के लिए राजनीतिक समाधान खोजने के लिए एक क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है।
इनसे होगी मुलाकात
स्टोल्टेनबर्ग के साथ सैन्य समिति के अध्यक्ष एयर मार्शल सर स्टुअर्ट पीच और यूरोप के सुप्रीम अलाइड कमांडर जनरल कर्टिस स्केपारोट्टी के साथ यहां आए हैं।" मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है, "इस दौरे के दौरान, स्टोल्टेनबर्ग अफगान के अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही स्टोल्टेनबर्ग अफगान नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।" स्टोल्टेनबर्ग रिसोल्यूट सपोर्ट कमांडर, जनरल ऑस्टिन स्कॉट मिलर से भी मुलाकात कर सकते हैं।
शांति वार्ता ये देश हो सकते हैं शामिल
बैठक में तालिबान के प्रतिनिधि और चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान और अमेरिका के उप विदेश मंत्रियों और विशेष राजदूतों के शामिल होने की संभावना है। सरकार द्वारा संभावित शांति वार्ता में प्रतिनिधित्व के लिए गठित अफगानिस्तान उच्च शांति परिषद, तालिबान के साथ वार्ता में शामिल होगी। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान और अफगान सेना आमने-सामने है। आए दिन यहां पर तालिबानी आतंकी लोगों को निशाना बनाते रहे हैं।