300 मिलीयन डॉलर की आर्थिक मदद पर रोक लगी थी, अब भी पाक में नहीं आया है सुधार
वाशिंगटन। 300 मिलीयन डॉलर की आर्थिक मदद पर रोक लगने के बाद भी पाकिस्तान की आंखें नहीं खुलीं हैं। देश से आतंकी गतिविधियां अब भी चालू हैं। अमरीका का कहना है कि पाक पर लगाई पांबदी के बाद से देश ने कोई भी सकारात्मक संदेश नहीं दिए हैं। अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोलटन का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। पाकिस्तान परमाणु हथियार संपन्न देश है,ऐसे में घातक हथियारों का आतंकियों के हाथों में जाना पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में इमरान खान की नवनिर्वाचित सरकार ने हाल ही में अमरीका को चेतावनी दी थी कि अब वह किसी देश के लिए युद्ध नहीं करेगा। उनका कहना था कि आतंकावाद को लेकर वह अब अमरीका का साथ नहीं देगा।
संबंधों में सुधार की संभावना है
हालांकि,देश के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान की अपनी यात्रा पर कहा था कि यदि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पूरी तरह से सहयोग करता है तो दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की संभावना है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पोम्पियो ने इमरान खान सरकार से आतंकवादी समूहों से पूरी तरह से नाता तोड़ने की बात कही है। गौरतलब है बीते साल ट्रंप सरकार ने घोषणा की थी कि इस्लामाबाद को दी जा रही सैन्य सहायता को निलंबित करने की योजना है क्योंकि यह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है। जनवरी में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तत्कालीन पाकिस्तान सरकार पर गंभीर लगाए थे कि उसने संयुक्त राज्य को कुछ भी नहीं बल्कि झूठ और छल दिया है और उनके देश ने मूर्खतापूर्वक पाकिस्तान को 15 साल तक 33 अरब डॉलर से ज्यादा सहायता दी है।
अमरीक ने भारत से नजदीकियां बढ़ाईं
अमरीका अब पाकिस्तान की बजाय भारत से अपने संबंध बेहतर करना चाहता है। उसका मानना है कि भारत एक ऐसी शक्ति है जो चीन और पाकिस्तान देनों को टक्कर दे सकता है हाल में पोम्पियो भारत के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पड़ोस से आ रहे आतंकवाद का भारत कड़ा मुकाबला कर रहा है। उन्होंने भारत के साथ सुरक्षा में सहयोग का भी आश्वासन दिया था।