Hanuman Jayanti Upay: कल 23 अप्रैल को हनुमान जयंती है, इस दिन बजरंग बली की पूजा अर्चना की जाती है। साथ ही भक्त व्रत भी रखते हैं। खास बात यह है कि इसी दिन ग्रहों के सेनापति मंगल राशि परिवर्तन कर रहे हैं। मान्यता है कि इस समय पूजा अर्चना से बजरंग बली की कृपा तो मिलेगी ही, मंगल ग्रह भी शुभ फल देंगे। लेकिन इसके लिए हनुमान जयंती के आसान उपाय हैं, जिन्हें करने से कारोबार की बाधा दूर हो सकती है। साथ ही हर संकट दूर हो सकता है। आइये जानते हैं वो हनुमान जयंती उपाय..
यदि कोई मानसिक परेशानी आपको परेशान कर रही है तो हनुमान जयंती के दिन कमजोर व्यक्ति की सेवा करें और उसके बाद हर महीने किसी एक मंगलवार को फिर यह काम करें, इससे आपको बजरंग बली की कृपा प्राप्त होगी और मानसिक तनाव दूर होगा रहेगा।
हनुमान जयंती पर 11 बार सुंदरकांड या 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमानजी भक्त के सभी कष्ट दूर करते हैं और आसपास की नकारात्मक शक्तियों भूत प्रेत आदि को खत्म करते हैं।
हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली को चोला और सिंदूर के साथ पान का बीड़ा चढ़ाएं और गुड़ चना बूंदी का प्रसाद बांटें। सिंदूर अर्पित करने के बाद महावीर के कंधों से थोड़ा सिंदूर लेकर कलेजे पर लगाएं। इससे नजर दोष समाप्त होता है और सुख समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
यदि हनुमान जयंती और बाद में साल में एक बार किसी मंगलवार को रक्तदान करते हैं तो मान्यता है कि आप दुर्घटनाओं से दूर रहेंगे।
जीवन में शुभता लाने के लिए व्यक्ति को हनुमान जयंती से शुरू कर हर मंगलवार को ऊँ क्रां क्रीं क्रों सः भौमाय नमः मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
दुश्मनों से मुक्ति और रक्षा के लिए हनुमान जयंती पर देसी घी के पांच रोट का भोग हनुमानजी को लगाना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को व्यापार वृद्धि में दिक्कत आ रही है, उसका कारोबार फल-फूल नहीं रहा है और उसे अपना व्यापार बढ़ाना है तो हनुमान जयंती पर बजरंगबली को सिंदूरी रंग की लंगोट अर्पित करें।
आकस्मिक संकट से बचाव के लिए हनुमान जयंती पर मंदिर के शिखर पर लाल झंडा लगाना चाहिए।
तेज और शक्ति बढ़ाने के लिए व्यक्ति को हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड, रामचरितमानस, रामरक्षा स्रोत का पाठ करना चाहिए।
हनुमान जयंती के दिन तुलसी के 108 पत्तों पर राम का नाम लिखें, और इसकी माला बनाकर हनुमानजी को अर्पित कर दें। इसके बाद सरसों के तेल या घी का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे धन धान्य की कमी नहीं होती और नौकरी-व्यापार में उन्नति के योग बनते हैं।