16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Panchak February 2026 Date: 17 फरवरी से शुरू होने जा रहा है महाभयंकर अशुभ अग्नि पंचक, अगले 5 दिन क्यों माने जा रहे हैं संवेदनशील?

panchak 2026, panchak 2026 date, panchak 2026 start date, अग्नि पंचक, फरवरी में पंचक कब से हैं, पंचक फरवरी 2026, सूर्य ग्रहण 2026, सूर्य ग्रहण के दिन से पंचक,Panchak Kab Se Hai 2026 February , When is Agni Panchak in February 2026, What is Panchak, What is Panchak?, When does Agni Panchak occur, Why is Agni Panchak considered dangerous, What to do in Agni Panchak, What not to do in Agni Panchak, Agni Panchak 2026,

2 min read
Google source verification

भारत

image

MEGHA ROY

Feb 16, 2026

Agni Panchak in February 2026, What is Panchak,

When is Agni Panchak in February|फोटो सोर्स- Freepik

Panchak February 2026 Date: 17 फरवरी से पंचक काल की शुरुआत होने जा रही है, जिसे इस बार अशुभ अग्नि पंचक के रूप में देखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा से रेवती नक्षत्र तक भ्रमण करता है, तब पंचक काल बनता है। इस दौरान पांच दिनों तक कुछ विशेष कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे संवेदनशील और सावधानी बरतने वाला समय माना गया है।सप्ताह के जिस दिन से पंचक आरंभ होता है, उसी आधार पर उसका स्वरूप तय होता है चोर पंचक, राज पंचक, अग्नि पंचक या मृत्यु पंचक। इनमें अग्नि पंचक को विशेष रूप से सतर्कता का संकेत माना जाता है। ऐसे में एस्ट्रोलॉजर शरद शर्मा से आइए जानते हैं कि फरवरी 2026 का यह पंचक क्यों चर्चा में है और इन पांच दिनों में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पंचक क्या होता है?

हिंदू पंचांग के अनुसार जब चंद्रमा क्रमशः धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से होकर गुजरता है, तब उस अवधि को पंचक कहा जाता है। यह समय कुल मिलाकर लगभग पांच दिनों का होता है। धार्मिक दृष्टि से इसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना गया है।सप्ताह के जिस दिन से पंचक की शुरुआत होती है, उसी आधार पर उसका नाम और प्रभाव बताया जाता है जैसे राज पंचक, चोर पंचक, मृत्यु पंचक या अग्नि पंचक।मंगलवार से शुरू हो रहे हैं और पंचांग के अनुसार ये 21 फरवरी 2026, शाम 7 बजकर 7 मिनट तक रहेंगे।

फरवरी 2026 में लग रहे हैं अग्नि पंचक

इस बार पंचक की शुरुआत मंगलवार से हो रही है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जा रहा है। मान्यता है कि अग्नि तत्व से जुड़े कारणों जैसे आग लगना, बिजली से संबंधित हादसे, विस्फोट या अचानक दुर्घटनाएं का जोखिम इस अवधि में बढ़ सकता है। हालांकि यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, फिर भी सावधानी बरतना समझदारी माना जाता है।

सूर्य ग्रहण के साथ बन रहा विशेष संयोग

मान्यता के अनुसार इस बार वर्ष 2026 के पहले सूर्य ग्रहण के दिन से ही अग्नि पंचक आरंभ हो रहे हैं। हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को भी शुभ कार्यों के लिए वर्जित समय माना गया है। ग्रहण काल और उसके सूतक में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नया व्यापार या अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।ऐसे में ग्रहण और अग्नि पंचक का एक साथ पड़ना कई लोगों के अनुसार विशेष सावधानी का संकेत माना जा रहा है।

इन 5 दिनों में किन बातों का रखें ध्यान?

  • घर का निर्माण कार्य शुरू न करें।
  • छत डालने या बड़ी मरम्मत टालें।
  • गैस सिलेंडर, लकड़ी, फर्नीचर या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं खरीदने से बचें।
  • हवन, यज्ञ जैसे अग्नि संबंधी अनुष्ठान न करें।
  • दक्षिण दिशा की यात्रा टालने की सलाह दी जाती है।
  • नया व्यापार या बड़ा निवेश शुरू करने से बचें।

क्या करें इस दौरान?

पंचक काल को पूरी तरह नकारात्मक मानने के बजाय इसे संयम और सतर्कता का समय समझना अधिक उचित है। इस दौरान नियमित पूजा-पाठ और ध्यान करने से मानसिक शांति बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही अनावश्यक जोखिम लेने से बचें और हर निर्णय धैर्य व सोच-समझकर लें। दैनिक जीवन में सुरक्षा नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।