
Planet Transit Prediction Vedic Astrology: ग्रहों के परिवर्तन की शुरुआत बुधवार को सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ हो चुकी है। सूर्य मेष राशि से वृषभ राशि में पहुंच गया है, वहीं मध्यरात्रि में गुरु का भी परिवर्तन मिथुन राशि में हो जाएगा।
इसी प्रकार 18 मई को राहु और केतु राशि परिवर्तन करेंगे। ग्रहों के इस परिवर्तन से कई अच्छे तो कुछ विपरीत प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।
ग्रहों का यह परिवर्तन भारत के दृष्टिकोण से लाभकारी रहेगा। गुरु के मिथुन राशि में प्रवेश से व्यापार, व्यवसाय के साथ भारत की साख बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मिथुन को व्यापारिक राशि माना जाता है। इससे अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। इसी प्रकार 18 मई को राहु भी मीन राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इससे राहु और गुरु का चंडाली दोष का प्रभाव समाप्त होगा। कुंभ शनि की राशि है और शनि न्याय के देवता है। इसलिए न्याय व्यवस्था मजबूत होगी और विदेश नीति में सुधार होगा।
मीन राशि में बना षडयंत्री योग समाप्त होगा, साथ ही शनि, शुक्र और राहु के त्रिग्रही योग की युति टूटेगी। हांलाकि वर्तमान समय में ग्रह स्थिति के अनुसार कर्क का मंगल संकटपूर्ण स्थितियां बना सकता है, जिससे 6 जून तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राशियों के परिवर्तन के कारण इस माह लगातार बादल, बारिश की स्थिति भी रहेगी। इसके साथ ही मौसम में अचानक बदलाव भी होते रहेंगे, इसलिए सावधान रहने की जरुरत है।
ब्रह्मशक्ति ज्योतिष संस्थान के पं. जगदीश शर्मा का कहना है कि राहु और केतु एक राशि में लगभग 18 महीने तक रहते हैं। इसी प्रकार देवगुरु बृहस्पति भी एक राशि में लगभग एक साल तक रहते हैं। ग्रहों का यह परिवर्तन कई मायनों में शुभ भी होगा। चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि के क्षेत्र में कई तरह के परिवर्तन होंगे।
मेष- स्वास्थ्य में लाभ और परिवारिक सुख-शांति
वृषभ- रूका हुआ धन मिलेगा और आय बढ़ोत्तरी
मिथुन- मांगलिक कार्य
कर्क- मान सम्मान मिलेगा
सिंह- यात्रा के योग, कष्ट
कन्या- स्वास्थ्य को लेकर बनी रहेगी चिंता
तुला- मानसिक चिंता बढ़ेगी
वृश्चिक- जायदाद संबंधी कार्य में सफलता
धनु- सुख समृद्धि कारक
मकर- रूका हुआ कार्य पूरा
कुंभ- तनाव, पारिवारिक समस्या बनी रहेगी
मीन- यात्रा के योग, लाभ