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Raksha Bandhan : रक्षाबंधन पर ऐसे सजाएं राखी की थाली, भाई पर अक्षत डालते हुए पढ़ें मंत्र

Raksha Bandhan 2026 : शुभ मुहूर्त में सजाएं थाली, राखी बांधने के साथ करें मंत्रोच्चार, 28 अगस्त को है रक्षाबंधन
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भारत

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deepak deewan

Aug 25, 2026

Raksha Bandhan 2026 :

रक्षाबंधन के दिन सजाएं थाली - फोटो सोर्स : AI@Grok

Raksha Bandhan : सनातन धर्म के सबसे खास पर्वों में से एक रक्षाबंधन यानि राखी का त्योहार नजदीक आ चुका है। यह वस्तुत: भाई-बहन के स्नेह का पर्व है और इसलिए सभी के लिए बेहद खास भी होता है। राखी का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बहनें अपने भाई को तिलक कर, आरती उतार कर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र यानि राखी बांधती हैं। भाई, उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेता है और बहन की रक्षा करने का संकल्प व्यक्त करता है। रक्षाबंधन पर बहनें अपनी थाली में क्या रखें और उसकी खुशहाली के लिए कौन सा मंत्र पढ़ें, इसके बारे में हम आपको विस्तार से बताते हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार पौराणिक मान्यता है कि सबसे पहले माता लक्ष्मी ने राजा बलि को रक्षासूत्र बांधा था। रक्षासूत्र बंधवाने के बाद बलि ने उनसे अपनी मनोकामना बताने को कहा। तब लक्ष्मीजी ने उनके पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे विष्णुजी को मांग लिया था।

राखी के साथ ही रुमाल, श्रीफल , हल्दी, कुमकुम, अक्षत रखें

राखी के दिन बहन सुबह जल्द उठकर स्नान करके स्वच्छ या नए कपड़े पहनें। घर में नित्य पूजा आदि के बाद यथासंभव पीतल या तांबे की थाली लें। इसमें राखी के साथ ही रुमाल, श्रीफल , हल्दी, कुमकुम, अक्षत रखें। थाली में ही मिठाई रखें और घी का दीपक भी रखें।

थाली में रखे दीपक को जलाकर भाई को तिलक लगाएं, उसकी आरती उतारें, फिर दाएं हाथ की कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद भाई को मिष्ठान्न खिलाएं। आमतौर पर राखी के दिन विवाहिता बहनें मायके आकर भाई को राखी बांधती है लेकिन पौराणिक ग्रंथों में इससे उलट बात कही गई है। शास्त्रों में कहा गया है कि रक्षाबंधन के दिन बहनें, भाइयों को अपने घर पर बुलाएं। उन्हें राखी बांधें, मिष्ठान्न खिलाएं और इसके बाद उसे भोजन भी करवाएं।

रक्षाबंधन मूलत: भाई द्वारा अपनी बहन की रक्षा के संकल्प का प्रतीक पर्व ही है। हालांकि इस दिन कुछ अन्य परंपराएं भी निभाई जाती हैं। रक्षाबंधन के दिन गुरु द्वारा अपने सबसे योग्य शिष्य की कलाई में गंडा या सूत्र बांधने का भी रिवाज है।

भाई पर अक्षत डालते हुए मंत्र पढ़ना चाहिए

पुराणों में रक्षासूत्र बांधने के समय एक मंत्र पढ़ने का उल्लेख किया गया है। भाई पर अक्षत डालते हुए यह मंत्र पढ़ना चाहिए-

येन बद्धो बलि: राजा दानवेंद्रो महाबल:।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।

अर्थात महाशक्तिशाली राजा बलि को जिस रक्षासूत्र से बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षे तुम अविचल रहना। कभी भी तुम अपने रक्षा के संकल्प से विचलित मत होना।