इन्हें नहीं चाहिए गौसेवक के नाम पर कोई शाबाशी ऐसे लोगों के लिए इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म
अयोध्या : गौ रक्षा ( Gaurakshak ) और गौ सेवा ( Gausewa ) को लेकर इन दिनों जो ट्रेंड चला है उसको लेकर कई विवाद खड़े हो गए हैं . देश के कई संगठन गौ सेवा और गौ हत्या रोकने के लिए अभियान चला रहे हैं और उनकी कोशिश स्वागत योग्य भी है . लेकिन गौ रक्षा के नाम पर मारपीट और हिंसक वारदातों को अंजाम देने वाले लोगों ने गौ सेवा को मोब ( Mob Linching ) लिंचिंग का भी रूप दे दिया है . आज गौ रक्षक एक पद के रूप में हो गया है और लोग सोशल मीडिया में प्रसिद्धि पाने के लिए तस्वीरें खिंचवा कर पोस्ट भी कर रहे हैं . लेकिन धार्मिक नगरी अयोध्या में एक खाकी वर्दीधारी ने मानवता की ऐसी तस्वीर पेश की है . जिसे देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है इंसानियत आज भी जिंदा है और उसे किसी भी नाम और शोहरत की जरूरत नहीं है .
इन्हें नहीं चाहिए गौसेवक के नाम पर कोई शाबाशी ऐसे लोगों के लिए इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म
मामला है अयोध्या कोतवाली ( Ayodhya kotwali ) क्षेत्र के नया घाट पुलिस चौकी ( Naya Ghat Police Chauki ) इलाके का जहां पर बंधा तिराहा ( Bandha Tiraha ) पर 2 दिन पूर्व एक गाय ने जख्मी हालत में एक बछड़े को जन्म दिया . गाय के पैरों में चोट लगे होने के कारण गाय खड़ी नहीं हो पा रही है . जिसके कारण मासूम नन्हा बछड़ा 2 दिन से दूध के लिए बिलख रहा था .इस पूरे नजारे को न जाने कितने हजार लोगों ने देखा . अयोध्या में इन दिनों सावन झूला मेला ( Sawan Jhoola Mela 2019 ) चल रहा है और लाखों श्रद्धालु भी उस रास्ते से होकर गुजर रहे थे . लेकिन किसी ने उस मासूम बछड़े का दर्द नहीं समझा . ऐसे में चौकी पर ही तैनात एक पुलिसकर्मी ने मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोपरि मानते हुए पहले बाजार से जाकर एक बोतल खरीदी और उस बोतल में दूध खरीद कर भर दिया और उसके बाद उस बछड़े को अपने हाथ से बोतल से दूध पिलाया . भूख से बिलख रहे गाय के बछड़े ने भले ही अपने मां के स्तन से दूध पिया हो लेकिन कम से कम एक खाकी वर्दीधारी की सूझबूझ और मानवता से एक बेजुबान की जान भी बच गई और उसका पेट भी भर गया . जाहिर तौर पर इस तरह की तस्वीरें कभी चर्चा में नहीं आती और इस तरह का काम करने वाले लोग भी ये सोच कर कुछ ऐसा नहीं करते जिस से प्रसिद्धि मिले लेकिन इंसानियत भरे प्रयास के लिए ऐसे लोगों की सराहना की जानी चाहिए .