
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या को राममय बनाया जा रहा है। नयाघाट से सहादतगंज तक सड़कों का सौंदर्यीकरण धर्मिकता को ध्यान रखते हुए किया जा रहा है। रामपथ से सटे भवन या दुकान सभी की मंदिर के रूप में फ़साड मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। इसके साथ भवनों के दीवारों और दुकानों के दरबाजों पर रामायण कालीन चित्र अंकित किया जा रहा है। जिसमें शंख, चक्र, गदा, त्रिशूल, स्वस्तिक, सूर्य, पुष्प, तीर धनुष व अन्य चिन्ह बनाये जा रहे हैं। जिससे रामपथ पर आते ही धर्मिकता का भाव दिखाई दे। और इस कार्य को अयोध्या विकास प्राधिकरण करा रही है। जिसके दिसबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
हेरिटेज के तर्ज विकसित हो रहा रामपथ
अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ है। अयोध्या में निर्मित किये जा रहे हैं। जिसमे सड़क का निर्माण पीडब्लूडी के द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ जो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। उनका सौंदर्यीकरण कर उस पर हेरिटेज के रूप में फ़साड डेवलप किया जा रहा है। इसी के तहत जो भवन है या दिवाली हैं उन पर तरह-तरह के चिन्ह अंकित किए जा रहे हैं तो वही जन्मभूमि पद और भक्ति पथ पर भगवान राम के जीवन से जुड़े वॉल पेंटिंग का भी कार्य किया जाएगा।
बिल्डिंगों पर खूबसूरत दिखेंगे डिजाइन
डीएम नीतीश कुमार ने बताया कि राम पथ पर फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है, जगह-जगह राम पथ पर अलग-अलग प्रकार के लाइट लगाए जाएंगे ताकि राम पथ खूबसूरत लगे, राम राम पथ, जन्मभूमि पथ व भक्ति पथ पर भी फसाड लाइट लगाई जाएगी ताकि यह तीनों पथ खूबसूरत लगे। इसके लिए इस कार्य धर्मार्थ विभाग कर रहा है। कहा कि अयोध्या की आधारभूत संरचना मजबूत करनी है इसका प्रयास किया जा रहा है, यही नहीं राम पथ के किनारे बनने वाले बिल्डिंग की भी डिजाइन कोड निर्धारित किए गए हैं कि किस तरह से रंग और डिजाइन से बिल्डिंग खूबसूरत बनाए जा रहे हैं।