
पद्म भूषण साध्वी ऋतंभरा - सोर्स- वीडियो ग्रैब
Prime Minister Narendra Modi: अयोध्या में पद्म भूषण साध्वी ऋतंभरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की वर्षों पुरानी आस्था को सम्मान देते हुए भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनवाया, जिसके लिए देश का हिंदू समाज उनका आभारी है। साध्वी ऋतंभरा ने अब केंद्र सरकार से देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। ऐसे में गोमाता के साथ होने वाली क्रूरता और पीड़ा को समाप्त करने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि “हम चाहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करें, ताकि गोमाता को जो पीड़ा सहनी पड़ती है, उससे उन्हें मुक्ति मिल सके।”
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की बड़ी जीत बताया। उनका कहना था कि लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का काम किया है। राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
साध्वी ऋतंभरा के इस बयान के बाद एक बार फिर देश में गोसंरक्षण और गोहत्या पर कानून को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। कई राज्यों में पहले से गोहत्या पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन पूरे देश में एक समान कानून बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। वहीं साध्वी ऋतंभरा के बयान को हिंदुत्व और धार्मिक आस्था से जुड़े बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
साध्वी ऋतंभरा का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थक इसे भारतीय संस्कृति के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
Updated on:
29 May 2026, 7:42 AM IST
Published on:
29 May 2026, 7:42 AM IST
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