अयोध्या जिला प्रशासन ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन पर कब्जा दे दिया है। अयोध्या के सोहावल के धन्नीपुर में कृषि फार्म की पांच एकड़ भूमि का मस्जिद निर्माण के लिए सीमांकन कराने के बाद प्रशासन ने उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को कब्जा सौंप दिया
अयोध्या. अयोध्या जिला प्रशासन ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन पर कब्जा दे दिया है। अयोध्या के सोहावल के धन्नीपुर में कृषि फार्म की पांच एकड़ भूमि का मस्जिद निर्माण के लिए सीमांकन कराने के बाद प्रशासन ने उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को कब्जा सौंप दिया। जमीन मिलने के बाद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड जल्द ही यहां मस्जिद का निर्माण शुरू करेगा। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन एक अलग बैंक अकाउंट खोलने जा रहा है। इसमें मस्जिद निर्माण से जुड़ा धन एकत्रित किया जाएगा। इसके अलावा अलग से लाइब्रेरी-अस्पताल बनवाने के लिए भी बैंक अकाउंट खुलेगा।
पवित्र धन से होगा मस्जिद निर्माण
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड अयोध्या में मिली पांच एकड़ भूमि पर मस्जिद के साथ ही अस्पताल, लाइब्रेरी, सामुदायिक रसोईघर, म्यूजियम और रिसर्च सेंटर बनाए जाने की योजना है। इसके लिए बोर्ड ने इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट गठित किया है। फाउंडेशन ने अपनी पहली बैठक कर बैंक अकाउंट खोलने को मंजूरी दे दी है। वर्चुअल बैठक में दो अलग-अलग बैंक अकाउंट खोलने का प्रस्ताव पास हुआ। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया किमस्जिद निर्माण के लिए अलग बैंक अकाउंट खोला जाएगा। शरीयत के मुताबिक इसमें ईमानदारी व गाढ़ी कमाई का ही 'पवित्र धन' दान लिया जाएगा। इसमें बैंक के ब्याज का पैसा व नापाक तरीकों जैसे कि जुए, शराब आदि से कमाया धन भी नहीं लगाया जाएगा।
अस्पताल, लाइब्रेरी के लिए अलग बैंक अकाउंट
अतहर हुसैन ने बताया कि मस्जिद के साथ-साथ अस्पताल, लाइब्रेरी, म्यूजियम, रिसर्च सेंटर के लिए अलग बैंक अकाउंट खोला जाएगा। अकाउंट खुलने के बाद ट्रस्ट ऑनलाइन डोनेशन लेना शुरू करेगा। दोनों ही अकाउंट प्राइवेट बैंकों में खोले जाएंगे। इसमें किसी भी पेमेंट गेटवे से पैसा दान दिया जा सकेगा।
विदेश से भी एकत्र होगा चंदा
मस्जिद के निर्माण के लिए विदेश से भी चंदा एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए फॉरेन कॉनट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत औपचारिकताएं पूरी कर एक अलग बैंक अकाउंट खोला जाएगा। इसके लिए फाउंडेशन जल्द ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय में आवेदन करेगा।