Ayodhya News: अयोध्या श्रीराममंदिर में रामलला के विराजमान होने की तिथि की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले सुरक्षा के व्यापक इंतजामों को भी पूरा कर लेने की जद्दोजहद शुरू हो गई है।
Ayodhya News: अयोध्या श्रीराममंदिर में रामलला के विराजमान होने की तिथि की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले सुरक्षा के व्यापक इंतजामों को भी पूरा कर लेने की जद्दोजहद शुरू हो गई है। पूरे अयोध्या पर एक साथ नजर रखने के लिए अत्याधुनिक कमांड सेंटर बनाने की तैयारी है। ड्रोन हमले से बचने के लिए एंटी ड्रोन गन के साथ विशेष सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
एक हिन्दी दैनिक अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार रामनगरी हमेशा आतंकियों के निशाने पर रही है। इसलिए सुरक्षा के इंतजाम भी उसी श्रेणी के किए जा रहे हैं। रेड, येलो और ग्रीन जोन में एएनआर कैमरे लगाएं जाएंगे। साथ ही एटीएस और एसटीएफ के जवान भी हर आने जाने वालों पर नजर रखेंगे। सरयू नदी में भी सुरक्षा के प्रबंध होंगे। कमांड सेंटर से पूरी सुरक्षा व्यवस्था संचालित होगी।
Drone को पलक झपकते ही मार गिराती है एंटी ड्रोन गन
डिफेंस एक्सपो 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथ में एक गन उठाई थी, जिसमें कोई नली यानी बैरल नहीं थी। इस गन को एंटी ड्रोन गन या ड्रोनम कहा जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह घुसपैठ करने वाले ड्रोन्स को मार गिराने में सक्षम है। कोई भी एंटी ड्रोन सिस्टम दो तरह से काम करता है। पहली सॉफ्ट किल (Soft Kill) यानी किसी भी ड्रोन के संचार लिंक को तोड़ देना। यानी ड्रोन को जिस रिमोट या कंप्यूटर से उड़ाया जाए, उससे ड्रोन का संपर्क तोड़ देना। इससे ड्रोन दिशाहीन होकर गिर जाता है। वह उड़ना बंद कर देता है। उसे चलाने वाले का संपर्क टूटते ही ड्रोन किसी का काम का नहीं रहता।
दूसरा सिस्टम है हार्ड किल (Hard Kill) यानी इस काउंटर ड्रोन सिस्टम की रेंज में आते ही उस पर लेज़र हथियार से हमला किया जाता है। लेज़र हमले से ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब हो जाते हैं। वह जल जाता है। ये लेज़र सिस्टम बिना किसी धमाके के ही ड्रोन को मार गिराता है। यानी इसके रेंज में आते ही दुश्मन का ड्रोन या तो गिर जाएगा या फिर गिरा दिया जाएगा।