अब तक 400 शौचालय बनवा चुके हैं हशीद सिद्दीकी, डीएम ने किया सम्मानित
आजमगढ़. पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छता मिशन को अधिकारी भले ही चार साल में परवान न चढ़ा सके हों लेकिन उस काम को इस आम आदमी ने कर दिखाया है। बेटी की बीमारी से स्वच्छता के प्रति प्रेरित हुए हशीद सिद्दीकी अब तक जहां हजारों लोगों को स्वच्छता और खुले में शौच के दुष्परिणाम के प्रति जाकरूक कर चुके हैं वहीं गांव में 400 शौचालय भी बनवा दिया है। सिद्दीकी के बारे में जानकारी होने के बाद गुरूवार को जिलाधिकारी शिवाकांत तिवारी और लाइफ लाइन हास्पिटल के निदेशक डॉ. पियूष यादव ने शाल भेंटकर सम्मानित किया।
बता दें कि नवापुरा गांव निवासी हशीद सिद्दीकी की पुत्री को मिर्गी की बीमारी थी। लगातर उपचार के बाद भी बीमारी ठीक नहीं हुई। 2014 में मिर्गी के झटके बढ़ गए तो हशीद उसे लाइफ लाइन हॉस्पिटल मड़या ले गये। यहां न्यूरो सर्जन डा. अनूप सिंह ने सिटी स्कैन कराया तो पता कि दिमाग में फीताक्रीम के अंडे/कीड़े है।
इस दौरान हशीद को पता चला कि गंदगी इसकी बड़ी वजह है। स्वच्छता अपनाकर इस तरह की बीमारियों से खुद को और परिवार को बचाया जा सकता है। हशीद ने इस घटना से सीख ली और खुद तो स्वच्छता अपनाया ही साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का फैसला कर लिया। ताकि इस तरह की बीमारी किसी भी परिवार तक न पहुंचे।
तब से आज तक वे लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी के स्वच्छता कार्यक्रम को आत्मसात किया और ओडीएफ के अन्तर्गत लोगों को शौच से मुक्त के बारे में जागरूक करने के साथ ही शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया।
हशीद यह काम निरंतर कर रहे हैं। वे लोगों को शौचालय के लिए प्रेरित करते है और सरकार से मिलने वाली सहायता भी दिलाते हैं। अब तक वे 400 शौचालय बनवा चुके हैं। अब इनका गांव ओडीएफ की श्रेणी में पहुंचने वाला है। इसकी जानकारी होने पर जिलाधिकारी शिवाकांत तिवारी और लाइफ लाइन हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. पियूष यादव ने हशीद को शाल भेंट कर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि शौचालय बनवायें और बीमारी से दूर रहें। यह सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाना है।
By- Ranvijay Singh