आजमगढ़ में तीन साल में एचआईवी एड्स संक्रमितों की संख्या में भारी कमी आई है। अब तक जिले में 997 मरीजों की मौत हो चुकी है।
एचआईवी के प्रति यूपी के लोग जागरुक हुए है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में आजमगढ़ में संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। अब भी जिले में करीब 8,000 मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को जागरुक करने के साथ ही सभी मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है।
आजमगढ़ में 7971 लोगों में एचआईवी संक्रमण
एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. परवेज अख्तर के मुताबिक साल 2011 से अब तक जिले में 7,971 एड्स रोगी मिले हैं। इनमें 7,276 मरीज एआरटी सेंटर में नियमित इलाज करा रहे हैं। बाकि के संक्रमित लोग जिले के बाहर रहते हैं। सभी मरीज समान्य जीवन जी रहे हैं।
सभी की होती है काउंसलिग
नोडल अधिकारी अख्तर ने बताया कि अस्पताल में कोई भी संदिग्ध आता है तो उसे एआरटी सेंटर भेजा जाता है। वहां सभी की काउंसलिग की जाती है। जांच के बाद अगर कोई भ्प्ट पॉजिटिव आता है तो उसे सही इलाज के बारे में बताया जाता है।
11 साल में 997 की हो चुकी है मौत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2011 से अब तक यानी पिछले 11 सालों में एड्स से 997 लोगों की मौत हुई है। एड्स से होने वाली मौतों को कम करने और संक्रमण को रोकने लिए जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
2019 से कम होते गए एड्स रोगी
डॉ. परवेज अख्तर के मुताबिक जिले में पिछले तीन सालों में मरीजों की संख्या में कमी आई है। 2019 में यहां 737 लोग संक्रमित पाए गए थे। वर्ष 2020 में ये संख्या घटकर 706 पर आ गई। 2021 में यह संख्या घटकर 364 पर पहुंच गई। वर्ष 2022 में थोड़ी सी बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष 436 नए एड्स संक्रमित लोग पाए गए हैं।
नवंबर में नहीं मिला कोई संक्रमित
नोडल अधिकारी अख्तर ने बताया कि नवंबर महीने में पूरे जिले में 900 से अधिक संदिब्ध मरीजों की जांच कराई गई। हालांकि इनमें से एक में भी HIV संक्रमण नहीं पाया गया। हमारा मानना है कि जैसे-जैसे जागरुकता बढ़ेगी, संक्रमितों की संख्या और कम होगी।
अजमतगढ़ में सबसे ज्यादा संक्रमित
आंकड़ों के मुताबिक जिले के 22 में से पांच ब्लाक ऐसे हैं जहां संक्रमण का रेश्यो अधिक है। इसमें अजमतगढ़ में सबसे अधिक संक्रमित मरीज पाए गए है। वहीं पल्हनी दूसरे, बिलरियागंज तीसरे, हरैया चौथे और रानी की सराय ब्लाक पांचवे स्थान पर हैं।
प्रवासी मजदूर और चालक सबसे अधिक संक्रमित
डा. परवेज अख्तर के मुताबिक जिले में संक्रमित मरीजों में प्रवासी, ट्रक ड्राइवर और मजदूर वर्ग के लोग अधिक है। ये ऐसे लोग हैं जो काम की तलाश में दूसरे बड़े शहरों में जाते हैं।