उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को बुधवार शाम हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी काफी समय से फरार था और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। आजमगढ़ का रहने वाला है राहुल यादव […]
उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को बुधवार शाम हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी काफी समय से फरार था और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल यादव के रूप में हुई है, जो आजमगढ़ जिले के सिसरेडी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ आजमगढ़ के अलग-अलग थानों में करीब 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में लूट, चोरी, डकैती, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय के अनुसार, फरार और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी के तहत पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल की निगरानी में एक टीम बनाई गई, जिसका नेतृत्व उपनिरीक्षक जावेद आलम सिद्दीकी कर रहे थे। यह टीम फरीदाबाद में लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी डीएलएफ क्राइम ब्रांच इलाके के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने कोई विरोध नहीं किया। पूछताछ में पता चला कि राहुल यादव साल 2018 से संगठित अपराधों में शामिल रहा है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर आजमगढ़ के कई इलाकों में वारदातें की हैं। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह अपने परिवार से अलग होकर फरीदाबाद में छिपकर रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, उसके गिरोह के ज्यादातर सदस्य पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन राहुल यादव लंबे समय से फरार था। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के दो मामले दर्ज हैं और 2023 व 2024 में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और बाकी फरार अपराधियों की तलाश भी तेज की जाएगी।