वारती फलिया से एक तेंदुआ के कुंए में होने की जानकारी वन विभाग को मिली, रेस्क्यू कर तेंदुए को कुंए से निकाला बाहर
बड़वानी/पलसूद. मेणीमाता गांव के वारती फलिया से एक तेंदुआ के कुंए में होने की जानकारी वन विभाग को मिली। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर एकत्रित हुई भीड़ को समझाइश देकर दूर किया। इसके बाद तेंदुए कुंए से बाहर निकालने के दौरान वह आंगनवाड़ी केंद्र के शौचालय में चला गया। जिसे सुरक्षित निकालने के लिए पिंजरा का उपयोग किया गया। तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में रखकर वेटरनरी डॉक्टर के परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा गया। वनमंडलाधिकारी एसएल भार्गव, उपवनमंडलाधिकारी अतुल पारधी, वनपरिक्षेत्र अधिकारी असद खान सहित वन विभाग के कर्मचारियों, पुलिस बल के प्रयास से तेंदुए का सफल रेस्क्यू संपन्न हुआ।
बाल विवाह कानूनी अपराध : 1 लाख रुपए का जुर्माना और 2 वर्ष की सजा का है प्रावधान
बड़वानी. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 एवं मध्यप्रदेश बाल विवाह प्रतिषेध नियम 2007 के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की का विवाह बाल विवाह कहलाता है, ऐसा विवाह करना कानूनी अपराध है। जिसमें माता-पिता, संरक्षक, रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, पादरी, मैरिज ब्यूरों एवं केटर्स, प्रिंटिंग प्रेस घोडे वाले, बाजे वाले एवं विवाह में सम्मिलित सभी व्यक्ति को दोषी माना जाता है जिसमें एक लाख रुपए का जुमार्ना और 2 वर्ष की सजा हो सकती है।
त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बाल विवाह रोकने के लिए कलेक्टर द्वारा त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए है। उन्होने निर्देशित किया कि 3 मई को अक्षय तृतीय के अवसर जिले में कही भी बाल विवाह संपन्न होता है, तो बाल विवाह रोकने के लिए महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी के मोबाइल नंबर 9685233500 पर या संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारी या नजदीकी पुलिस थाना एवं 100 डायल पर तत्काल दी जा सकती है। जिससे बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम से बालक बालिकाओं को बचाया जा सकें।