आजाद अध्यापक संघ के नेतृत्व में सडक़ों पर उतरे शिक्षक, रैली निकाली, शिक्षकों ने भगवान श्रीगणेश को ज्ञापन सौंप की प्रार्थनाएं
विशाल यादव...
बड़वानी। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकारों से बार-बार मांग कर रहे शिक्षक अब भगवान की शरण में पहुंचे हैं। रविवार को प्रांतीय आाह्वान पर जिला मुख्यालय पर जिले के सभी शिक्षकों ने पहले पैदल और उसके बाद बाइक रैली निकाली। इस दौरान गणेश पांडाल में पहुंचकर भगवन श्रीगणेश के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की मांग संबंधित ज्ञापन का वाचन किया और निराकरण के लिए सरकार को सद्बुद्धि की प्रार्थनाएं की।
शहर के रणजीत क्लब के सामने मिडिल स्कूल पर शिक्षक एकत्रित हुए। रैली में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग लिखी अण्णा हजारे की तरह सफेद टोपी पहकर शामिल हुए। मिडिल स्कूल से शिक्षक पैदल पुराना कलेक्टोरट पहुंचे। यहां अस्पताल चौराहा गणेश पांडाल में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद तिरछी पुलिया, झंडा चौक, रणजीत चौक, एमजी रोड व कारंजा होकर वापस मिडिल स्कूल पहुंचे। यहां से बाइक रैली के माध्यम से कलेक्टोरट पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन तहसील कार्यालय के आरआई वीके पांडेय को सौंपा।
आजादी अध्यापक संघ जिलाध्यक्ष राकेश कुमार जोगी ने बताया कि वर्ष 2004 के बाद से मप्र के शासकीय कर्मियों को पुरानी पेंशन बंद कर न्यू पेंशन स्क्रीम दी जा रही हैं। वर्तमान में शासकीय कर्मियों के वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत राशि काटी जाती हैं और शासन द्वारा 14 प्रतिशत राशि मिलाई जाती हैं, लेकिन एकत्रित राशि एनपीएस के अधीन होकर मार्केट रेपों पर निर्भर रहती हैं। कर्मचारी नौकरी में रहते हुए जिंदगी भर शासन के कार्यांे में लगा देते हैं, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद वर्तमान पेंशन का केवन 6 या 8 प्रतिशत ही पेंशन मिलता हं। इस महंगाई के दौरान वर्तमान में सेवानिवृत्त हुए साथियों को महज डेढ़ या दो हजार रुपए तक ही पेंशन दी जा रही हैं।
ज्ञापन में मुख्य रूप से प्राथमिक व मध्यामिक शिक्षकों की क्रमोन्नति व पदोन्नति जल्द प्रदान करने और क्रमोन्नत शिक्षकों क ऑनलाइन सावतें वेतनमान के एरियर का भुगतान करने तथा प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षकों को उसी विभाग में संविलियन करने की मांग की। ज्ञापन अवसर पर सचिव रघुवीर सोलंकी, महिला सचिव सुनीता शुक्ला, नेहा दुबे, ब्लॉक के मन्नालाल सोलंकी, संभाग अध्यक्ष दिनेश ठाकुर, सीएस चटर्जी, महेश मंडलोई, इंद्रपालसिंह गौर, महेंद्र बर्फा, कैलाश पाटीदार, सालीगराम पाटीदार, संतोष बड़ोले, संजय बड़ोले, मनोज डावर, मंशाराम भूरिया आदि मौजूद थे।