
बड़वानी. शहर के समीप राजघाट स्थित नर्मदा नदी का जलस्तर प्रतिदिन घट रहा है। इससे यहां वर्ष 2019 में बना नया घाट डूब के बाद पहली बार पूरी तरह खुल गया है। इससे नर्मदा तट का स्वरूप मनोरम नजर आने लगा है। शुक्रवार शाम तक जलस्तर 115 मीटर के करीब रहा। हालांकि घटते जलस्तर से फिलहाल शहर के जलप्रदाय व्यवस्था पर कोई दिक्कत नहीं है। इंटेकवेल तक पर्याप्त मात्रा में पानी जमा है।
बता दे कि इस वर्ष क्षेत्र की जीवनदायिनी मां नर्मदा का स्वरुप गर्मी के दौरान सिकुडऩे लगा है। इससे 20-25 दिनों में ही 10 मीटर तक जलस्तर में कमी आई है। उल्लेखनीय है कि दो वर्ष से सरदार सरोवर बांध को पूर्ण क्षमता के साथ भरा जा रहा है। इससे राजघाट में उच्चतम जलस्तर 138.600 मीटर तक पहुंचा है। इस वर्ष जनवरी माह से जलस्तर में कमी होना शुरु हो गई थी। वहीं बीते मई माह में जलस्तर में तेजी से कम होने लगा है। अब तक करीब 23 मीटर तक जलस्तर कम हो चुका है। वैसे जलस्तर घटने के बाद नर्मदा तट का मनोरम दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे है।
ये है जलस्तर घटने का कारण
जलस्तर कम होने का कारण गुजरात में नहरों में पानी छोड़ा जाना और बिजली उत्पादन के लिए बांध के गेट खोलना है। नगर पालिका के उपयंत्री प्रदीप गंगराडे ने बताया कि शुक्रवार तक इंटेकवेल पर पर्याप्त पानी है। जलस्तर 112 मीटर से कम हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्थाएं करवाई जाएगी। वहीं जलस्तर घटने के साथ तटीय क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को मोटरों के पाइप बढ़ाने पड़ रहे है।