बड़वानी

Patrika News : सब्जियों के दामों ने बिगाड़ा रसोई घर का गणित

गृहणियों का कहना दामों को संभाले सरकार, सब्जियों और नींबू के दामों ने बिगाड़ा रसोई घर का गणित

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Apr 10, 2022
Vegetable prices rise

बड़वानी/अंजड़. नगर में प्याज, आलू, मिर्ची, गिल्की, भिंडी, शिमला मिर्च सहित नींबू के भाव आसमान पर पहुंच गए है। वहीं बाकी सब्जियां भी काफी महंगी बिक रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल के बाद अब सब्जियों के दाम ने आसमान छू लिया है और बढ़ती गर्मी के साथ बढ़े सब्जियों के दामों से आम आदमी की पॉकेट ढ़ीली होती नजर आ रही है। वहीं गृहणियों का भी रसोई का गणित गडबड़ा गया है। बीते 2 से 3 दिनों में हरी सब्जियों और नींबू की कीमतों में तेजी इजाफा हुआ है।
सब्जी मंडी में करीब सभी हरी सब्जियों के दाम दो गुना से ज्यादा हो गए है। बढ़ी कीमत की वजह से दुकानों पर सब्जियां पहले की तरह ढेर में नहीं दिख रही है। साथ ही थाली का जायका भी बिगड़ गया है। हरी सब्जियों में गिल्की और भिंडी के दाम बेतहाशा बढ़े है। वहीं गर्मियों में अगर शिकंजी या नींबू का शरबत पीने का शौक रखते है। बता दें कि कई जगह सिर्फ एक नींबू 10 रुपए में भी नहीं मिल रहा है। वहीं रमजान की वजह से भी नींबू की जरूरत बढ़ी है, लेकिन बढ़ी हुई कीमत ने सबको परेशान कर दिया है। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे है। एक तरफ जहां हेल्दी रहने के लिए हरी सब्जियां खाना जरूरी होता है। वहीं बढ़े हुए दामों ने पॉकेट से लेकर सेहत तक बिगाड़ दिया है।

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गरीब छात्र-छात्राओं के लिए मिली सौगातें, शहर में होगा नीट परीक्षा केंद्र
बड़वानी. राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने 1 मार्च 2021 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जनजातीय बाहुल्य जिले खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ, खंडवा, बुरहानपुर एवं अलीराजपुर में नीट परीक्षा के लिए केंद्र खोलने के लिए अपील की थी। इस पर सरकार की ओर से इस सत्र से बड़वानी, धार, खरगोन एवं खंडवा में नीट परीक्षा केंद्र की सौगात प्राप्त हुई है। गरीब आदिवासी जिलों के विद्यार्थियों को अब डॉक्टर की पढ़ाई का सपना साकार हो सकेगा। क्योंकि इसके पूर्व ये परीक्षा इंदौर जैसे महानगरों में ही होती थी और परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवागमन एवं आर्थिक रूप से हमारे क्षेत्र के युवाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इस दौरान कितने ही गरीब छात्र-छात्राएं पैसे के अभाव में परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते थे।

Published on:
10 Apr 2022 04:46 pm
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