बालोद

Chhattisgarh News: गांव से महज 500 मीटर दूर भालू छोड़ने पर हंगामा, ग्रामीणों में फैली दहशत

Bear Released Near Village: गांव से महज 500 मीटर दूर भालू छोड़े जाने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग की तीन गाड़ियां घेरकर ग्रामीणों ने देर रात तक विरोध किया।
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Sep 16, 2026
Chhattisgarh News
गांव से 500 मीटर दूर भालू छोड़ने पर हंगामा (Photo Patrika)

Chhattisgarh Bear News: डौंडी विकासखंड के मरदेल गांव की बस्ती से महज 500 मीटर दूर जंगल किनारे वन विभाग द्वारा भालू छोड़े जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की तीन गाडिय़ों को घेरकर देर रात तक विरोध किया। बता दें कि कुछ दिन पहले रानीमाई जंगल में अस्वस्थ मिले भालू को रेस्क्यू कर इलाज के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गया था। स्वस्थ होने के बाद उसे मरदेल के पास छोड़ दिया गया। मामला बढ़ता देख बालोद वनमंडल के एसडीओ किशोरी साहू ने लिखित आश्वासन दिया कि पिंजरा लगाकर भालू पकड़ा जाएगा और आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।

ग्रामीणों ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता

भालू को गांव के इतने करीब छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम से सवाल किया कि आबादी से इतनी कम दूरी पर भालू को क्यों छोड़ा गया। उनका कहना था कि भालू जंगल से निकलकर गांव की ओर आ सकता है, जिससे लोगों के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की कि भालू को तत्काल वहां से हटाकर आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए। विरोध के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और वन विभाग की गाड़ियों को ग्रामीणों ने घेर लिया।

देर रात तक चलता रहा विरोध

ग्रामीणों के विरोध के कारण वन विभाग की टीम को मौके पर काफी देर तक मौजूद रहना पड़ा। ग्रामीण भालू को गांव के पास से हटाने की मांग पर अड़े रहे। मामला बढ़ता देख वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिया।इसके बाद बालोद वनमंडल के एसडीओ किशोरी साहू ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा और उसे आबादी से दूर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।

वन्यजीव संरक्षण के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी जरूरी

भालू जैसे वन्यजीवों के रेस्क्यू और पुनर्वास के दौरान उनके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखना जरूरी होता है। वहीं दूसरी ओर आबादी के नजदीक वन्यजीवों की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल भी बन सकता है। मरदेल गांव की घटना ने वन्यजीवों को रेस्क्यू के बाद दोबारा जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल वन विभाग ने ग्रामीणों को भालू को पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ने का लिखित आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की अगली कार्रवाई पर है।

Updated on:
16 Sept 2026 08:53 am
Published on:
16 Sept 2026 08:53 am