
CG Patrika news जिला बनने के 14 साल बाद बालोद में बड़े उद्योगों की राह खुलती नजर आ रही है। उद्योग विभाग ने डौंडीलोहारा ब्लॉक के भरदा, चिल्हाटीखुर्द और कोटेरा में बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट के लिए जमीन चिह्नित कर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इनमें आयरन पैलेट प्लांट और बड़ी राइस मिल शामिल हैं। विभाग के अनुसार उद्योगपतियों ने भी यहां निवेश के लिए सहमति जताई है। सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो अगले दो से तीन साल में इन परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो सकता है।
2012 में जिला बनने के बाद से बालोद में बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की तलाश चल रही थी। अलग-अलग स्थानों पर जमीन मिलने के बावजूद स्थानीय विरोध और अन्य कारणों से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सके। अब तीन स्थानों पर जमीन का चयन होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
गुदुम में करीब 10 एकड़ तथा भरदा और चिल्हाटीखुर्द में कुल 42 एकड़ जमीन पर आयरन पैलेट प्लांट स्थापित करने की योजना है। इन संयंत्रों में लौह अयस्क से निकलने वाले बारीक चूर्ण को संसाधित कर पैलेट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद इनका उपयोग स्टील प्लांट में लोहा तैयार करने के लिए किया जाएगा। चिल्हाटीखुर्द और गुदुम के लिए एजेंसी का निर्धारण हो चुका है तथा जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी पूरी बताई गई है। विभाग को उम्मीद है कि करीब एक साल के भीतर इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।
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कोटेरा में 14 एकड़ जमीन पर राइस मिल स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग के मुताबिक यह जिले की अब तक की सबसे बड़ी राइस मिल होगी। इससे धान आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इन बड़े प्रोजेक्टों से प्रत्यक्ष रूप से 1000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। उद्योग शुरू होने के बाद परिवहन, श्रम, सर्विस और अन्य सहायक गतिविधियों में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
बालोद में केवल बड़े उद्योगों पर ही जोर नहीं दिया जा रहा है। छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी अलग-अलग स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई है। पैरी में 25 एकड़ तथा सोरर, तितुरगहन और सियनमरा में 50-50 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। इच्छुक उद्यमी उद्योग विभाग से संपर्क कर उपलब्ध जमीन और शासन की औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।
वर्तमान में जिले में 213 पंजीकृत उद्योग हैं। इनमें 120 राइस मिल हैं। ऐसे में बड़े औद्योगिक निवेश की शुरुआत से जिले की औद्योगिक पहचान को कृषि आधारित इकाइयों से आगे ले जाने की संभावना बन रही है।
उद्योग विभाग के महाप्रबंधक गोपाल राव ने कहा कि भरदा, कोटेरा और चिल्हाटीखुर्द की जमीन को स्वीकृति मिल गई है। अगले दो से तीन साल में यहां उद्योग स्थापित होने की उम्मीद है। पैरी, सियनमरा, सोरर और तितुरगहन में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया जारी है।
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Updated on:
16 Sep 2026, 12:07 AM IST
Published on:
16 Sep 2026, 12:07 AM IST
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