बालोद

CG News: युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षिका का स्थनांतरण, मैडम के जाने के बाद कई बच्चे नहीं खा रहे खाना, आंखों में आंसू

CG News: शिक्षकों को वापस मूल स्कूल में पदस्थापना कराने की मांग को लेकर गांव के स्कूली बच्चे व पालक तथा ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे और व्यवस्था सुधारने की मांग कलेक्टर से की।
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Jun 18, 2025
CG News: युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षिका का स्थनांतरण, मैडम के जाने के बाद कई बच्चे नहीं खा रहे खाना, आंखों में आंसू
युक्तियुक्तकरण से के बाद कई बच्चे नहीं खा रहे खाना (Photo Patrika)

CG News: बालोद जिले में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन आज भी कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। युक्तियुक्तकरण के तहत स्कूलों में शिक्षकों का स्थनांतरण किया गया, जिसका विरोध भी हो रहा है और शिक्षकों को वापस मूल स्कूल में पदस्थापना कराने की मांग को लेकर गांव के स्कूली बच्चे व पालक तथा ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे और व्यवस्था सुधारने की मांग कलेक्टर से की।

मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में सबसे ज्यादा आवेदन शिक्षा विभाग के ही रहे। इस दौरान लगभग 200 से भी ज्यादा की संया में लोग मौजूद रहे। वहीं कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपे।

शिक्षिका का ट्रांफसर, बच्चों के आंसू छलके

शासकीय प्राथमिक शाला गुजरा की शिक्षिका ललिता कंवर को युक्तियुक्तकरण के तहत अतिशेष शिक्षक के रुप में साल्हे प्राथमिक स्कूल में पदस्थ किया गया है। जब से शिक्षिका ललिता को अन्य स्कूल भेजा गया है, तब से गुजरा स्कूल के कई बच्चे खाना भी नहीं खा रहे हैं और शिक्षिका को गुजरा स्कूल में ही पदस्थ करने की मांग स्कूली बच्चे व ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। स्कूली बच्चों की आंखों से आंसू भी छलक पड़े। शासकीय प्राथमिक शाला गुजरा में दर्ज संया के अनुसार 2 शिक्षक की आवश्यकता है। ललिता कंवर सहायक शिक्षक की पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला गुजरा में करने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं।

प्राथमिक शाला भैंसबोड़ की दर्ज संया 128

पिपरछेड़ी में शिक्षकों की कमी, जल्द करें भर्ती

शासकीय प्राथमिक शाला भैंसबोड़ 1948 से संचालित है। दर्ज संया १२८ है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भैंसबोड़ की दर्ज संया 90 है। ऐसे में प्राथमिक स्कूल को माध्यमिक स्कूल में मर्ज नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने युक्तियुक्तकरण होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

पिपरछेड़ी के पूर्व माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्कूल में रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती की मांग कलेक्टर से सरपंच कृष्णा साहू ने की। पूर्व माध्यमिक शाला में 120 एवं उच्चतर विभाग में 240 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। रिक्त पद होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

भैंसबोड़ में स्कूल को मर्ज करने की जरूरत नहीं, फिर भी कर दिया

डौंडी विकासखंड के ग्राम भैंसबोड़ में प्राथमिक स्कूल को माध्यमिक स्कूल में मर्ज करने का विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की गाइडलाइन के तहत स्कूल को मर्ज नहीं किया जा सकता। शिक्षा विभाग ने क्यों मर्ज किया। पूर्व की तरह ही अलग-अलग स्कूल संचालित करने की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर व शिक्षा विभाग से की है। ेसरपंच खेमेश्वरी साहू ने बताया शासन के निर्देशानुसार शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। प्राथमिक शाला भैंसबोड, का युक्तियुक्तकरण पूर्व माध्यमिक शाला भैंसबोड़ में किया जा रहा है। यह युक्तियुक्तकरण नहीं किया जा सकता। दोनों शाला अलग-अलग परिसर में संचालित हैं।

बोरिद में एक शिक्षक कैसे पढ़ाएंगे 66 बच्चे

ग्राम बोरिद में ग्रामीणों ने एक शिक्षक की मांग शिक्षा विभाग व कलेक्टर से की है। रूपेश कुमार गौतम सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला बोरिद संकुल केन्द्र गुजरा विकासखंड डौंडी में 1 जनवरी 2009 से पदस्थ है। कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास शाखा) के आदेश के अनुरूप आदिवासी बालक आश्रम बगदई गुरुर में संलग्न है। शाला में दर्ज संया 66 है। प्रधान पाठक व एक सहायक शिक्षक कार्यरत है। अत: शाला में एक शिक्षक की आवश्यकता है। शिक्षक रूपेश कुमार गौतम को अपने मूल शाला में पदस्थ करने की मांग की है। चिरचारी के ग्रामीणों ने कहा कि दोनों शिक्षकों को यथावत रखें, नहीं तो आंदोलन किया जाएगा।

शिक्षकों की पदस्थापना से बच्चे व पालक नाराज

जिले के शासकीय प्राथमिक शाला चिरचारी में युक्तियुक्तकरण के तहत दो शिक्षकों को अन्य स्कूल में पदस्थापना कर दी है, जिससे स्कूली बच्चे व पालक नाराज हो गए हैं और दोनों शिक्षकों को वापस स्कूल में पदस्थ करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि दोनों शिक्षकों को वापस स्कूल में पदस्थ नहीं किया गया तो आंदोलन भी किया जा सकता है।

स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जलेश्वर प्रसाद व तपनलाल ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के पहले कुल 4 शिक्षक पदस्थ थे। परंतु युक्तियुक्तकरण के तहत 2 शिक्षकों साकेत साहू एवं द्रोपदी साहू को अतिशेष मानकर उनकी पदस्थापना अन्यत्र कर दी गई है, जिससे गांव की शिक्षा व्यवस्था पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ने वाला है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। विगत 4-5 वर्षों से प्रतिवर्ष गांव के स्कूल से नवोदय विद्यालय, प्रयास और एकलव्य में बच्चों का चयन हो रहा था, जो शिक्षकों के अभाव में असंभव हो जाएगा। दरअसल प्रधान पाठक का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है और अक्टूबर 2025 में उनकी सेवानिवृत्ति होनी है। ऐसे में शाला का संचालन एक अकेले शिक्षक को निर्वहन करना होगा, जो कि अत्यंत चिन्ता का विषय है। ऐसे में शाला में पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को पुन: शाला में लाया जाए। इस दौरान बड़ी संया में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Updated on:
18 Jun 2025 03:02 pm
Published on:
18 Jun 2025 03:02 pm