खेत में काम करने के बाद डबरी में नहाने उतरीं मां-बेटी की डूबकर मौत, गमगीन माहौल में किया गया अंतिम संस्कार, पसरा मातम
कुसमी. मां-बेटी बुधवार की सुबह अपने खेत में धान का बीड़ा उखाडऩे गई थीं। काम खत्म करने के बाद दोपहर में वे खेत के पास ही स्थित डबरी में नहाने चली गईं। इसी दौरान दोनों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मां-बेटी को तैरना नहीं आता था।
आशंका जताई जा रही है कि नहाने के दौरान दोनों में से किसी एक का पैर फिसला होगा और वह गहरे पानी में चली गई होगी। उसे डूबता देख दूसरी बचाने के दौरान डूब गई होगी। बहू की सूचना पर बेटा मौके पर पहुंचा और कपड़ा देखकर डबरी में उतरा। पानी में उतरते ही मां व बहन की लाश उसके पैर से टकराई। यह देखते ही उसकी रूह कांप गई। मां-बेटी की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी से लगे ग्राम कोटा स्थित बरकोना निवासी 55 वर्षीय बिसरी बाई व उसकी बेटी 20 वर्षीय सुखमतिया बुधवार की सुबह अपने घर से करीब आधा किमी दूर स्थित अपने खेत मे लगे धान का बीड़ा उखाडऩे गर्इं थीं। यहां बीड़ा उखाडऩे के बाद दोनों खेत से लगी डबरी में नहाने चली गई थीं। यहां नहाने के दौरान अचानक उनका पैर फिसला और गहरे पानी में डूबने से दोनों की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि दोनों को तैरने नहीं आता था। आसपास कोई और मौजूद भी नहीं था जिससे उन्हें किसी की मदद नहीं मिल पाई। यहां कुछ देर बाद बिसरी बाई की बहू सुखमनिया जब खेत मे काम करने पहुंची और सास-ननद को वहां न देख उन्हें खोजने लगी। जब वह डबरी के पास पहुंची तो वहां धुला हुआ कपड़ा सूखते व भोजन जस का तस रखा देखकर उसे कुछ शंका हुई। इस पर उसने तत्काल मोबाइल से पति को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पति गांव के अन्य लोगों को लेकर वहां पहुंचा। जब वह डबरी में उतरा तो पैर में मां व बहन की लाश टकराई। यह देख उसके होश उड़ गए। उसने गांव वालों की मदद से तत्काल दोनों के शवों को बाहर निकाला। गांव वालों की सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। उन्होंने पंचनामा पश्चात शवों को पीएम के लिए भिजवाया। मां-बेटी की एक साथ मौत से परिजनों **** गांव में मातम पसरा है।