Bollywood Singer Udit Narayan: तातापानी महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने उमड़ी लोगों की भीड़, बॉलीवुड सिंगर उदित नारायण ने अपनी पत्नी के साथ दी गानों की प्रस्तुति, मंत्री रामविचार नेताम ने दोनों को किया सम्मानित
बलरामपुर. Bollywood Singer Udit Narayan: तातापानी महोत्सव में दूसरे दिन बॉलीवुड के मशहूर गायक उदित नारायण ने पत्नी दीपा नारायण के साथ प्रस्तुति दी। यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों, स्थानीय कलाकारों तथा सांस्कृतिक संध्या में आमंत्रित कलाकारों ने मंच साझा किया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम की मौजूदगी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत जिले के स्कूली तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के मनमोहक नृत्य प्रदर्शन से शुरु हुआ। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति व तीज त्यौहारों के साथ ही देशभक्ति गानों की थीम पर थिरकते हुए स्कूली बच्चों की प्रतिभा को देखकर उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया।
बालीवुड के मशहूर गायक उदित नारायण ने पत्नी दीपा नारायण के साथ प्रस्तुति दी। तातापानी मेले की सांस्कृतिक संध्या में दोनों की आवाज का ऐसा जादू चला कि कडक़ड़ाती ठंड में भी वहां उपस्थित हजारों दर्शक जमकर झूम उठे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दूसरे दिन आकर्षण का केंद्र बालीवुड गायक उदित नारायण रहे।
मंच पर आते ही उन्होंने ने छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा के नारे के साथ दर्शकों के दिल में अपनी जगह बना ली। उन्होंने ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा’, ‘तेरे नाम हमने किया है जीवन अपना सारा सनम’, ‘पहला नशा, पहला खुमार, जानम देख लो मिट गई दूरियां’ और ‘खईके पान बनारस वाला जैसे कई गानों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
गीतों का यह सिलसिला देर रात तक यूं हीं चलता रहा। गानों सुनकर लोग आनंद से विभोर हो गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री रामविचार नेताम ने उदित नारायण का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
इस दौरान कलेक्टर रिमिजियुस एक्का, एसपी डॉ. उमेद सिंह, डीएफओ विवेकानंद झा, जिला पंचायत सीईओ रेना जमील, जिला पंचायत अध्यक्ष निशा नेताम समेत जिले के जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
लेजर लाइट शो में दिखे भगवान शिव के कई रूप
वहीं तातापानी मंदिर प्रांगण में स्थित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पर लेजर लाइट के माध्यम से भगवान शिव के विभिन्न रूपों को दिखाया गया, जो लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। वहीं जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने सुआ, कर्मा, गेड़ी, भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुति से अतिथियों का मन मोहा।
इसके साथ ही जिले के विभिन्न स्थानों से आए स्थानीय कलाकारों ने अपने नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला व संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस दौरान उपस्थित दर्शकों ने पूरी तन्मयता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जमकर लुत्फ उठाया।