बलरामपुर

भाजपा से बगावत कर जिपं सदस्य ने निर्दलीय भरा नामांकन, कहा- नेताम को मिलती टिकट तो मैं नहीं लड़ता चुनाव

रामानुजगंज विधानसभा सीट पर टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ताओं ने अपनाए बागी तेवर, नेताम के समर्थक माने जाते रहे हैं बागी कार्यकर्ता

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Vinay Paikra filled nomination

बलरामपुर. रामानुजगंज विधानसभा सीट से भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस सीट से भाजपा ने रामकिशुन सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। इस नाम के घोषित होते ही क्षेत्र के काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई थी और पार्टी से बगावत करने को तैयार थे।

प्रत्याशी नहीं बदलने पर उन्होंने पार्टी को सामूहिक इस्तीफे का अल्टीमेटम भी दिया था। पार्टी के बागी कार्यकर्ताओं ने भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य विनय पैंकरा का समर्थन किया।

शुक्रवार को विनय पैंकरा ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कलक्टोरेट में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं जनता के साथ हूं। यदि रामविचार नेताम को यहां से टिकट मिलती तो मैं चुनाव नहीं लड़ता।

गौरतलब है कि रामानुजगंज विधानसभा सीट से अब तक राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम चुनाव लड़ते आए हैं। पिछली बार उन्हें कांग्रेस के वृहस्पत सिंह ने हराया था। इस बार भी रामविचार नेताम को ही भाजपा द्वारा टिकट दिए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। इसी बीच भाजपा ने सामरी क्षेत्र के रामकिशुन सिंह को रामानुजगंज विस से प्रत्याशी घोषित कर दिया।

नाम घोषित होते ही रामविचार नेताम के समर्थकों ने बगावत शुरु कर दी। उन्होंने नाम बदलने पार्टी को चेतावनी भी दी थी। जब पार्टी ने नाम नहीं बदला तो शुक्रवार को भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य विनय पैंकरा ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया।


पार्टी का साथ दें नेताम
नामांकन दाखिल करने पहुंचे विनय पैंकरा से जब यह पूछा गया कि रामविचार नेताम ने कहा कि नाराज कार्यकर्ताओं को मना लिया जाएगा और नामांकन वापस करा लिया जाएगा।

इसके जवाब में विनय पैंकरा ने कहा कि वे नेताम जी का सम्मान करते हैं। यदि वे नामांकन वापस लेने की अपील करते हैं तो मैं इतना ही कहूंगा कि वे पार्टी व संगठन का साथ दें लेकिन मैं जनता के साथ हूं। यदि नेताम चुनाव लड़ते तो मैं यहां से खड़ा नहीं होता।


पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन दाखिले में मौजूद थे नेताम
1 नवंबर को रामानुजगंज व सामरी विधानसभा से पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी के नामांकन पत्र दाखिले के दौरान रामविचार नेताम मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि विरोध कहां नहीं होता है, ये लोकतंत्र है।

मतभेद हो सकता है लेकिन मनभेद कहीं नहीं है, जो रूठे हैं उन्हें मना लिया जाएगा। दोनों सीट जीतेंगे। नेताम के इस बयान के बावजूद उन्हीं के समर्थक ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Updated on:
03 Nov 2018 10:31 pm
Published on:
02 Nov 2018 05:14 pm
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