एमइएस राज्योत्सव पर हर साल काला दिवस मनाता है।
बेंगलूरु. सीमावर्ती जिले बेलगावी को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमइएस) ने कन्नड़ राज्योत्सव के विरोध में काला दिवस बुलाया था लेकिन इसका न के बराबर असर दिखा।
हालांकि, कन्नड़ संगठनों द्वारा निकाले गए जुलूस के समानांतर एमइएस कार्यकर्ताओं ने भी काले कपड़े पहनकर और काला झंडा लेकर एक जुलूस निकाला।
इस दौरान जब एमइएस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोडऩे और पुलिस के वाहनों पर पत्थरबाजी करने किया तब पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा।
एमइएस राज्योत्सव पर हर साल काला दिवस मनाता है।
अलग झंडा फहराने का प्रयास, 50 गिरफ्तार
कलबुर्गी में कल्याण राज्य का अलग झंडा फहराने का प्रयास कर रहे 50 जनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर यह प्रयास विफल कर दिया। कई स्थानीय संगठन हैदराबाद-कर्नाटक के जिलों का अपेक्षित विकास नहीं होने के कारण अलग राज्य के गठन की मांग कर रहे हैं।
इन संगठनों का दावा है कि इस क्षेत्र के संविधान की 371 (जे) के तहत विशेष क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद भी स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहे हैं।
मध्य कर्नाटक, तटीय कर्नाटक तथा पुराने मैसूरु क्षेत्र की तुलना में हैदराबाद-कर्नाटक के बीदर, कलबुर्गी, रायचूरु, यादगिर, बीदर जिले विकास में पिछड़े हुए हैं।
लिहाजा इन जिलों को मिलाकर अलग कल्याण कर्नाटक राज्य का निर्माण किया जाना चाहिए।
अनेक कार्यकर्ता गिरफ्तार, फिर रिहा
बीदर में दो संगठनों ने धरना दिया। पंच जिला कल्याण कर्नाटक होराटा संगठन और हैदराबाद-कर्नाटक प्रत्येक राज्य होराटा समिति के कार्यकर्ताओं ने मेजिल कॉलेज सर्कल पर अलग ध्वजारोहण का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों संगठनों के प्रमुख नेता और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर ध्वज जब्त किया। शाम को सभी को रिहा कर दिया गया।
पंच जिला कल्याण कर्नाटक होराटा समिति केअध्यक्ष एम.एस.पाटिल ने कहा कि हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र पिछड़ा क्षेत्र है। इसके विकास के लिए अभी तक कुछ नहीं किया गया। इसलिए नागरिक निराश होकर पांच जिलों को लेकर अलग राज्य की मांग कर रहे है।
बस की सीट के रंग से कन्नड़ संगठन नाराज
बेंगलूरु. निजी ट्रेवल्स कंपनी की बस के स्लीपर कोच में कन्नड़ के झंडे जैसे लाल-पीले रंग का कवर लगाने से भड़के कन्नड़ संगठनों ने इस कंपनी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए कवर हटाने की मांग की।
आक्रोशित कन्नड़ संगठनों ने कंपनी के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने कवर हटवा दिए।