राज्योत्सव समारोह में बोले सीएम: लंबे समय के बाद हुआ एकीकरण
बेंगलूरु. मुख्यंत्री एच डी कुमारस्वामी ने राज्य के लोगों से कन्नड़ भाषी इलाकों के एकीकरण के लिए हुए संघर्ष की याद दिलाते हुए क्षेत्रीय आधार पर राज्य के विभाजन के लिए उठने वाली आवाज को प्रोत्साहन नहीं देने और ऐसे मांग को खारिज करने की अपील की है।
शहर के कंटीरवा स्टेडियम में कन्नड़ संस्कृति विभाग तथा बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मुख्य समारोह में कुमारस्वामी ने राष्ट्रीय ध्वज और कन्नड़ ध्वज पहराकर राज्यवासियों को राज्योत्सव की बधाई दी।
कुछ समय पहले अलग उत्तर कर्नाटक की उठी मांग का जिक्र किए बिना कुमारस्वामी ने कहा कि लोगों को किसी झूठे प्रचार में नहीं आना चाहिए। साथ ही कुमारस्वामी ने राज्य के सभी क्षेत्रों के सर्वांगीण और समान विकास का भरोसा भी दिया।
कुमारस्वामी ने कहा कि आज कुछ हिस्सों से अलग राज्य की मांग सुनने में आ रही है, कुछ लोग इस सुंदर प्रदेश को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हमें इन्हें खारिज करना होगा। ऐसे लोगों उचित समय पर सबक सिखाना चाहिए।
राज्य के तीसों जिलों के लोग एक हैं। राज्य के एकीकरण को बरकरार रखा जाना चाहिए और यहां तक कि एक छोटी सी दरार भी नहीं होनी चाहिए।
हम सब एक मां की संतान की तरह
पूरे राज्य की एकजुटता की वकालत करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि हम सभी एक मां की संतान है। हममें किसी तरह का भेदभाव का सवाल ही पैैदा नहीं होता।
उत्तर कर्नाटक, हैदराबाद कर्नाटक, तटीय कर्नाटक, मुंबई कर्नाटक, मध्य कर्नाटक और पुराना कर्नाटक का नाम देेने की जरूरत नहींं बल्कि सिर्फ एक विशाल कर्नाटक के हम सब नागकि हैं।
कुमारस्वामी ने कहा कि कन्नड़ विरोधी संगठन हर साल कन्नड़ राज्योत्सव पर काला दिवस या विरोध दिवस मनाकर प्रदेश में अशांति फैलाने का प्रयास करते है।
अगर प्रदेश में रहना है तो शांति, भाइचारा के साथ रहने की जरूरत है।
यहां रहने वाले सभी लोगों को चाहिए कि वह पुरानी बातों को भूलकर प्रदेश के समग्र विकास के लिए काम करें।
कन्नड़ भाषा, कर्नाटक की संस्कृति, भूमि, जल या अन्य किसी भी विषय को लेकर किसी तरह का भी कोई समझौता नहीं होगा।