बैंगलोर

कर्नाटक में 50 लाख की रिश्वत लेते तहसीलदार गिरफ्तार, 1 करोड़ और एक एकड़ जमीन मांगने का आरोप

Dharwad Tehsildar Bribe: कर्नाटक के धारवाड़ में लोकायुक्त ने तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को 50 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि 33 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव के बदले 1 करोड़ रुपये और एक एकड़ जमीन की मांग की गई थी।
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Sep 17, 2026
Dharwad Tehsildar Bribe
कर्नाटक में 50 लाख की रिश्वत लेते तहसीलदार गिरफ्तार, फोटो सोर्स- एक्स (@navasamajanew)

Tehsildar Bribery Case:कर्नाटक में कथित बड़े रिश्वतखोरी के मामले में लोकायुक्त ने धारवाड़ के तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, तहसीलदार ने 33 एकड़ जमीन के मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव कराने के बदले कुल 1 करोड़ रुपये और एक एकड़ जमीन की मांग की थी। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

33 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव के लिए मांगी रकम

लोकायुक्त के अनुसार, येरिकोप्पा गांव में 33 एकड़ जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव कराने के लिए तहसीलदार ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी। यह गांव धारवाड़ से करीब 12 किलोमीटर दूर और पुणे-बेंगलुरु हाईवे के पास स्थित है। आरोप है कि तहसीलदार ने 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में कुल 1 करोड़ रुपये के साथ एक एकड़ जमीन देने की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले में कार्रवाई की योजना बनाई।

लाल बैग में लेकर पहुंचा था 50 लाख रुपये

लोकायुक्त एसपी सिद्धलिंगप्पा के मुताबिक, शिकायत बुधवार दोपहर को प्राप्त हुई थी। इसके बाद टीम ने तुरंत ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। तहसीलदार ने शिकायतकर्ता को धारवाड़ के KCD ग्राउंड के पास पैसे लेकर आने के लिए कहा था। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता 50 लाख रुपये लेकर वहां पहुंचा। रकम एक लाल रंग के बैग में रखी गई थी। शिकायतकर्ता ने बैग तहसीलदार को सौंप दिया। आरोप है कि सच्चिदानंद ने रकम वाला बैग लेकर उसे अपने बैग में रख लिया। इसी दौरान मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। यह कार्रवाई बुधवार रात करीब 10 बजे कर्नाटक कॉलेज के सामने की गई।

तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज

लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत की रकम जब्त करने के साथ तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों, कथित रिश्वत की मांग और पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पहले भी हो चुकी थी जमीन रिकॉर्ड को लेकर कार्रवाई

लोकायुक्त के मुताबिक, इस जमीन के रिकॉर्ड में सुधार से संबंधित प्रक्रिया पहले भी अधिकारियों के स्तर पर चली थी। ज्वाइंट डायरेक्टर ऑफ लैंड रिकॉर्ड्स ने पहले की गई 'पोडी' प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश दिया था और नए सिरे से पोडी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ लैंड रिकॉर्ड्स ने तहसीलदार को प्रस्ताव भेजा था। इसमें जमीन के रिकॉर्ड में संशोधन और उसके उप-विभाजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। आरोप है कि इसी प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए रिश्वत मांगी गई।

भरतपुर में भी रिश्वत मामले में मिला था कैश और चांदी

इसी तरह राजस्थान के भरतपुर में हाल ही में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की थी। एजेंसी ने उसके घर से 43.38 लाख रुपये नकद और करीब 20 किलोग्राम चांदी की ईंटें बरामद करने की बात कही थी। असिस्टेंट इंजीनियर को भुसावर पंचायत समिति में कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। ACB के मुताबिक, एक ठेकेदार ने शिकायत की थी कि बिल पास करने के बदले उससे रिश्वत मांगी जा रही है। कर्नाटक के धारवाड़ में हुई कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

Updated on:
17 Sept 2026 09:05 am
Published on:
17 Sept 2026 08:44 am